जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (राजस्व) राजस्व कार्यों, राजस्व वादों, कर-करेत्तर व राजस्व वसूली की मासिक समीक्षा बैठक करते हुए सभी सम्बंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर 15 मार्च तक पूर्ण कराये जाने के दिए निर्देश
निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सोलर सिस्टम के कार्य को पूर्ण करायें सभी सम्बंधित अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिदिन करें कार्य की प्रगति की समीक्षा
फैमिली आईडी बनाये जाने के कार्य में धीमी प्रगति वाले सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारियों का वेतन रोके जाने तथा उनसे स्पष्टीकरण लेने के दिए निर्देश
लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित किए जाने के दिए निर्देश
आदर्श सहारा टाइम्स
प्रयागराज । जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरूवार को संगम सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (राजस्व) राजस्व कार्यों, राजस्व वादों, कर-करेत्तर व राजस्व वसूली की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी तथा सभी सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड की रैकिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतः जिन भी राजस्व से सम्बंधित प्रकरणों की सीएम डैशबोर्ड पर रैकिंग बी, सी, डी है, उन्हें प्राथमिकता पर निस्तारित करते हुए रैकिंग को ए श्रेणी में लाये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी अपर जिलाधिकारियों को अपनी-अपनी तहसीलों के लम्बित वादों का नियमित रूप से अनुश्रवण करने एवं शीघ्रता से निस्तारण की कार्यवाही सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को नियमित रूप से न्यायालय में वादों की सुनवाई करने एवं वादों का शीघ्रता का निस्तारण करने हेतु कहा है। उन्होंने अभिलेख त्रुटि सुधार से सम्बंधित 1 वर्ष से लम्बित प्रकरणों को निस्तारित करते हुए शून्य किए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को कृषक दुर्घटना से सम्बंधित 390 लम्बित प्रकरणों को 27 फरवरी तक निस्तारित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने बैठक में राजस्व से संबंधित सभी अधिकारियों को नियमित रूप से कोर्ट में बैठने एवं मुकदमो की नियमित सुनवाई करते हुए वादों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी राजस्व से संबंधित अधिकारियों को 3 एवं 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों को शीर्ष प्राथमिकता पर रखते हुए जल्द से जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि 6 माह से अधिक समय से लम्बित वादों के निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित करते हुए उनको भी शीघ्रता से निस्तारित किए जाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि धारा-34, धारा-67, धारा-116 के मामले जो कि छः माह से अधिक समय से लम्बित है, उन्हें शीघ्रता से निस्तारित करने के निर्देश दिए है। धारा-80 के मामलों की प्रतिदिन समीक्षा करते हुए जो भी मामले लम्बित है, उन्हें तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी ने तहसीलों का काम समयबद्ध और बेहतर तरीके से कार्य करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व मुकदमों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाये, जमीनी विवादों का निस्तारण मौके पर जाकर किया जाये, किसी भी हाल में जनता के साथ अन्याय न होने पायें। भूमि सम्बन्धित विवादों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष तरीके से गुणवत्ता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाय।
बैठक में जिलाधिकारी ने समीक्षा करते हुए सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों को लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित किए जाने के साथ-साथ आर0सी0 की वसूली में भी तेजी लाये जाने निर्देश दिए है। जिलाधिकारी कहा कि सभी संबंधित विभाग लक्ष्य के सापेक्ष वसूली सुनिश्चित करे, शत-प्रतिशत वसूली न करने वालों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने लक्ष्य के सापेक्ष कम राजस्व वसूली वाले विभागों के अधिकारियों को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने आबकारी, राज्यकर, परिवहन, विद्युत, नगर निगम, मंडी, बांट माप, स्टाम्प, राजस्व सहित अन्य विभागों की वसूली और प्रवर्तन कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी विभागों को शत-प्रतिशत राजस्व वसूली करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करें, ताकि सरकारी राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित हो। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि वास्तविक वसूली और दस्तावेजी आंकड़ों में अंतर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभागों की आर0सी0 वसूली के आंकड़ों व पोर्टल में अपलोड आंकड़ों में कोई अंतर न हो। उन्होंने कहा कि सभी सम्बंधित विभाग अपने विभाग से सम्बंधित बड़े आर0सी0 बकायेदारों के बारे में जानकारी रखने के साथ आर0सी0 वसूली के लिए अपेक्षित कदम उठाते रहने के लिए कहा है।
बैठक में जिलाधिकारी फार्मर रजिस्ट्री के कार्य की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सभी उपजिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी समन्वय बनाकर फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पीएम किसान के अतिरिक्त अन्य किसानों का 15 मार्च तक फार्मर आईडी बनाये जाने के कार्य को पूर्ण कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने पंचायत सहायक/रोजगार सेवक, जनसेवा केन्द्र के संचालक, कोटेदार आदि के माध्यम से टीम बनाकर प्रतिदिन 10 हजार फार्मर आईडी बनाये जाने का लक्ष्य रखते हुए कार्य को पूर्ण कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने किसानों से फार्मर आईडी बनवाये जाने के कार्य में सहयोग करने के लिए कहा है। कहा कि जिन किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं होगी, उन्हें पीएम सम्मान निधि, राशन सहित अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है।
बैठक में जिलाधिकारी पीएम सूर्यघर योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी उपजिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारियों व अन्य विभागों को लक्ष्य निर्धारित करते हुए सम्बंधित कार्मिकों के माध्यम से सोलर सिस्टम लगवाये जाने के लिए कहा है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी से पीएम सूर्यघर योजना की प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना एक अति महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें प्रथम बार पैसा लगाना है, लोन भी आसानी से प्राप्त होगा, सब्सिडी खाते में मिलती रहेगी तथा बिजली के बिल में कमी आयेगी। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों से ग्राम प्रधानों का सहयोग लेते हुए प्रत्येक ग्राम प्रधान को अपने यहां पर पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर सिस्टम लगवाये जाने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा है, जिससे कि अन्य लोग भी प्रेरित होकर इस योजना का लाभ उठाये। उन्होंने कहा कि यदि कोई जागरूक ग्राम प्रधान ग्राम सभा के लोगो को जागरूक कर यदि पूरे गांव में सोलर सिस्टम लगवायेगा, तो सम्बंधित ग्राम को सोलर ग्राम घोषित किया जायेगा तथा पुरस्कृत भी किया जायेगा। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता नोडल को स्मार्ट मीटरों की सूची उपलब्ध कराये जाने के लिए कहा है, जिससे उनसे सम्पर्क कर सोलर सिस्टम लगवाया जा सके।
जिलाधिकारी ने फैमिली आईडी बनाये जाने के कार्य की समीक्षा करते हुए सभी खण्ड विकास अधिकारियों को प्रतिदिन 5 हजार फैमिली आईडी बनाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी से फैमिली आईडी बनाये जाने के कार्य में धीमी प्रगति वाले सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारियों का वेतन रोके जाने तथा उनसे स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए है। उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर फैमिली आईडी बनाये जाने के कार्य में सी श्रेणी को ए श्रेणी में लाये जाने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण हेतु चिन्हित जिन जमीनों में विवाद है और वहां पर निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है, सम्बंधित उपजिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी आपसी समन्वय बनाते हुए जमीनों विवादों को समाप्त करने तथा जल्द से जल्द आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण कराये जाने के लिए कहा है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, अपर जिलाधिकारी नजूल संजय पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी नगर सत्यम मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती विनीता सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्रीमती पूजा मिश्रा, अपर जिलाधिकारी आपूर्ति श्री विजय शर्मा, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी तथा सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
