भू-माफियाओं के खिलाफ वकीलों का ‘महा-संग्राम’, आक्रोशित अधिवक्ताओं ने झूंसी थाने के सामने लगाया चक्काजाम;वाराणसी-प्रयागराज मार्ग ठप

भू-माफियाओं के खिलाफ वकीलों का ‘महा-संग्राम’, आक्रोशित अधिवक्ताओं ने झूंसी थाने के सामने लगाया चक्काजाम;वाराणसी-प्रयागराज मार्ग ठप

 

आदर्श सहारा टाइम्स

प्रयागराज । संगम नगरी के झूंसी इलाके में रविवार की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं ने पुलिसिया कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जमीन के नाम पर हुए 75 लाख रुपये के फर्जीवाड़े और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज वकीलों ने झूंसी थाने के सामने बैरियर लगाकर जीटी रोड (वाराणसी-प्रयागराज हाईवे) को पूरी तरह जाम कर दिया। वकीलों के उग्र तेवर देख पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। करीब 20 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस के ठोस आश्वासन पर जाम खुला, लेकिन तनाव बरकरार है।
फर्जी कागजात बनाकर लगा दी लाखों की चपत
मामले की जड़ कटका निवासी अधिवक्ता मनीष मिश्र के साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी है। बताया जाता है कि फूलपुर निवासी शाहिद नसीम सिद्दकी, नसीम, अशरफ और उनके साथियों ने मिलकर मनीष को जमीन के एक बड़े सौदे में पार्टनर बनाने का लालच दिया। विश्वास में आकर अधिवक्ता ने करीब 75 लाख रुपये लगा दिए। बाद में खुलासा हुआ कि जो कागजात दिखाए गए थे, वे पूरी तरह फर्जी थे।
थाने पहुंचे तो नदारद मिले एसओ, फिर भड़का गुस्सा
रविवार सुबह मनीष मिश्र, जनपद न्यायालय के पूर्व अध्यक्ष राकेश तिवारी के नेतृत्व में दर्जनों वकीलों के साथ झूंसी थाने पहुंचे। अधिवक्ताओं का आरोप है कि वहां एसओ महेश मिश्र मौजूद नहीं थे और पुलिस मामले को टाल रही थी। इसी बात से नाराज वकील सड़क पर उतर आए और ‘पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए चक्काजाम कर दिया।
दावों की जंग: वकील बोले- ‘FIR नहीं हुई’, पुलिस बोली- ‘जांच जारी है’
अधिवक्ता समाज की चेतावनी- ‘आर-पार की होगी लड़ाई’
जनपद न्यायालय के पूर्व अध्यक्ष राकेश तिवारी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि पुलिस भू-माफियाओं को संरक्षण दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तहरीर देने के बावजूद पुलिस आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो अधिवक्ता समाज कचहरी ठप कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।
पुलिस का पक्ष: दर्ज हो चुका है मुकदमा
वहीं, दूसरी ओर एसओ झूंसी महेश मिश्र ने अधिवक्ताओं के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि:
“अधिवक्ता की तहरीर पर नामजद आरोपियों के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। कानून की प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
आम जनता को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
हाईवे जाम होने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की किलोमीटर लंबी कतार लग गई। एम्बुलेंस से लेकर निजी वाहन फंसे रहे। गनीमत रही कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच हुई वार्ता सफल रही और 20 मिनट बाद जाम खोल दिया गया, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
घटनाक्रम पर एक नजर:
पीड़ित: अधिवक्ता मनीष मिश्र (निवासी कटका)।
मुख्य आरोपी: शाहिद नसीम सिद्दकी व अन्य (निवासी फूलपुर)।
विवाद: 75 लाख रुपये की जमीन का फर्जी सौदा।
विरोध स्थल: झूंसी थाना एवं जीटी रोड।
प्रमुख मांग: फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह की तत्काल गिरफ्तारी।

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