अरब सागर में भारतीय नौसेना का पराक्रम: 48 घंटे के हाई-ऑपरेशन में समुद्री डाकुओं को खदेड़ा, ‘अज़िनी’ के सभी 20 क्रू मेंबर्स सुरक्षित रिहा

अरब सागर में भारतीय नौसेना का पराक्रम: 48 घंटे के हाई-ऑपरेशन में समुद्री डाकुओं को खदेड़ा, ‘अज़िनी’ के सभी 20 क्रू मेंबर्स सुरक्षित रिहा

आदर्श सहारा टाइम्स

​नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमाओं में भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति और त्वरित कार्रवाई की एक और मिसाल देखने को मिली है। अरब सागर में समुद्री डाकुओं द्वारा बंधक बनाए गए मछली पकड़ने वाले जहाज़ ‘अज़िनी’ (Azini) और उस पर सवार 20 क्रू मेंबर्स को भारतीय नौसेना ने एक बेहद जटिल और सटीक अभियान के तहत सुरक्षित छुड़ा लिया है।
​इस 48 घंटे तक चले मैराथन ऑपरेशन की सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के वीरों की पीठ थपथपाई है और उन्हें बधाई दी है।
​क्या था पूरा मामला और कैसे अंजाम दिया गया ऑपरेशन?
​डाकुओं का हमला: अरब सागर में यात्रा कर रहे पोत ‘अज़िनी’ पर भारी हथियारों से लैस समुद्री डाकुओं ने हमला कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया था और 20 क्रू सदस्यों को बंधक बना लिया था।
​48 घंटे की कड़ी निगरानी: सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना ने तुरंत मोर्चा संभाला। लगातार 48 घंटों तक अत्याधुनिक तकनीक और युद्धपोतों की मदद से संदिग्ध जहाज़ की ट्रैकिंग की गई।
​वायुसेना का मिला समय पर साथ: इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना (IAF) ने भी अहम भूमिका निभाई। वायुसेना के टोही विमानों ने त्वरित लोकेशन ट्रेसिंग और रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा कर नौसेना के जहाजों को सटीक कार्रवाई करने में मदद की।
​सटीक इंटरसेप्शन और क्रू का सुरक्षित बचाव: नौसेना के विशेष बल (MARCOS) और नौसैनिक कमांडोज ने बिना किसी क्रू मेंबर को नुकसान पहुँचाए, बेहद खतरनाक स्थिति में डाकुओं को घेर लिया और जहाज़ सहित सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित छुड़ा लिया।
​रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान
​रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना के इस जांबाज कारनामे की सराहना करते हुए सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के जरिए बधाई संदेश दिया:
​क्षमता और संकल्प का प्रतीक: रक्षा मंत्री ने कहा, “हमारे वीर जवानों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत के पास जिंदगियों की रक्षा करने, समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) को बनाए रखने और पूरे हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में शांति व स्थिरता सुनिश्चित करने की क्षमता, मंशा और दृढ़ संकल्प है।”
​हाई ऑपरेशनल रेडिनेस: राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि भारी हथियारों से लैस डाकुओं के खिलाफ इतनी त्वरित और सटीक कार्रवाई भारतीय नौसेना की उच्च परिचालन तैयारी (High Operational Readiness) को दर्शाती है। भारत किसी भी समुद्री खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हर समय पूरी तरह तैयार है।
​क्यों अहम है यह कार्रवाई?
​हाल के दिनों में अरब सागर और अदन की खाड़ी के आसपास समुद्री डकैती (Piracy) के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। भारतीय नौसेना द्वारा किया गया यह त्वरित और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी दुनिया को यह संदेश देता है कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत एक ‘नेक्स्ट-डोर सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ (सुरक्षा का मुख्य स्तंभ) के रूप में मुस्तैदी से तैनात है।

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