जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति (बैंकर्स) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति (बैंकर्स) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न

वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक ऋण योजना का किया गया विमोचन

जिलाधिकारी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लम्बित आवेदनों का एक सप्ताह के अंदर निस्तारण कराये जाने के दिए निर्देश

कम सीडी रेशियों वाले बैंको को स्थिति में सुधार लाने के दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने कहा-योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंक सक्रिय भूमिका निभाते हुए पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराये

योजनाओं का आम जनमानस ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सके, इसके लिए व्यापक रूप से योजनाओं का करायें प्रचार प्रसार-जिलाधिकारी

आदर्श सहारा टाइम्स

प्रयागराज । जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में व मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता सिंह की उपस्थिति में मंगलवार को संगम सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिलास्तरीय सलाहकार समिति की त्रैमासिह समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में बैंको की डीसीसी एवं डीएलआरसी की त्रैमासिक समीक्षा के साथ ही नाबार्ड की पीएलपी के आधार पर तैयार वार्षिक ऋण योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 का विमोचन भी किया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लंबित आवेदनों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए लम्बित आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाते हुए एक सप्ताह के अंदर लम्बित आवेदनों के निस्तारण के निर्देश दिए है। उन्होंने जनपद के ऋण जमानुपात के 41.65 प्रतिशत रहने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और स्टेट बैंक आफ इण्डिया (28.90 प्रतिशत), यूनियन बैंक आफ इण्डिया (28.13 प्रतिशत) सहित ऋण जमानुपात में 40 प्रतिशत से कम प्रदर्शन करने वाले कुल 11 बैंको को ऋण-जमानुपात बढ़ाये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने डिपॉजिट के सापेक्ष ऋण कम होने पर नाराजगी व्यक्त की है और कहा कि प्रदेश के औसत ऋण जमानुपात को 65 प्रतिशत किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, इसलिए सभी बैंक ऋण-जमानुपात को बढ़ायें। उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न रोजगार परक योजनाओं जैसे-सीएम युवा, ओडीओपी, मुद्रा ऋण, स्टैण्डअप इंडिया, वेयर हॉउस, पशुपालन, केसीसी, स्वयं सहायता समूहों को ऋण देकर जनपद का ऋण जमानुपात बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के बैंक स्तर पर 1765 आवेदन पत्रों के लम्बित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द आवेदन पत्रों का निस्तारण करने के लिए कहा है। उन्होंने मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना-2025-26 में ऋ़ण स्वीकृति हेतु लम्बित 8 आवेदनों को निस्तारित करने के लिए कहा है।

जिलाधिकारी ने पात्र आवेदकों के ऋण आवेदन स्वीकार करने और सभी बैंक को इस मामले में ध्यान देने को कहा है। जिलाधिकारी ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि बैंकों को योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

जिलाधिकारी ने वार्षिक ऋण योजना की प्रगति, लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धि, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, प्रधानमंत्री स्वानिधि योजना, मुख्यमंत्री माटी कला योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना, पशु पालन एवं मत्स्य पालन क्रेडिट कार्ड योजना, शिक्षा ऋण, कृषि आधारभूत अवसंरचना निधि योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत स्वयं सहायता समूहों की प्रगति, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधामंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत प्रगति आदि की बैंकवार समीक्षा करते हुये योजनाओं का आम जनमानस के बीच में प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और पात्र व्यक्तियों को ऋण देने में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए सभी संबंधित विभाग और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। जिलाधिकारी ने बैठक आईजीआरएस से संबंधित प्रकरणों को समय से निस्तारित करने के निर्देश दिए है।

बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक  मणि प्रकाश मिश्रा के द्वारा इस तिमाही में बैंको की प्रगति के बारे में विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक लखनऊ से एलडीओ  सुधीर पाण्डेय, नाबार्ड के डीडीएम  अनिल शर्मा के साथ ही अन्य सभी बैंको के सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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