दिव्यांगजनों के लिए सुलभ होंगे सिनेमाघर, प्रयागराज में सिनेमा संचालकों के साथ बैठक आयोजित
आदर्श सहारा टाइम्स
प्रयागराज। दिव्यांगजनों को सिनेमाघरों में बेहतर एवं सुलभ सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संगम सभागार, कलेक्ट्रेट प्रयागराज में जनपद के मल्टीप्लेक्स एवं एकल स्क्रीन सिनेमाघरों के स्वामियों, लाइसेंसधारकों और प्रबंधकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में दिव्यांगजनों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सहायक आयुक्त राज्य कर एवं प्रभारी पूर्व मनोरंजन कर संजय कुमार गिरि सहित जनपद के प्रमुख सिनेमाघरों एवं मल्टीप्लेक्सों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस दौरान उत्तर प्रदेश सिनेमैटोग्राफ नियमावली, 1951 के अंतर्गत दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित प्रावधानों तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी सिनेमाघर टिकट काउंटरों एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऑडियो डिस्क्रिप्शन (AD) और क्लोज्ड कैप्शनिंग (CC) सुविधाओं की उपलब्धता का स्पष्ट प्रदर्शन करें। साथ ही दिव्यांग दर्शकों को स्मार्ट ग्लास, हेडफोन और अन्य सहायक तकनीकों के उपयोग में आवश्यक तकनीकी एवं भौतिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त सिनेमाघरों में विशेष हेल्पलाइन की व्यवस्था तथा दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित सीटों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में बताया गया कि सिनेमाघरों में व्हीलचेयर एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। पीवीआर आईनॉक्स मल्टीप्लेक्स के प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि प्रत्येक ऑडी में दिव्यांगजनों के लिए सीटें आरक्षित रहती हैं तथा कुछ विशेष फिल्मों के प्रदर्शन के दौरान स्मार्ट ग्लास और हेडफोन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
सभी सिनेमाघर संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे टिकट बुकिंग काउंटरों एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। साथ ही प्रत्येक स्क्रीन में दो से पांच सीटों को आवश्यक सुलभता सुविधाओं के साथ आरक्षित रखने तथा इसकी जानकारी दर्शकों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, जिससे दिव्यांगजन बिना किसी कठिनाई के फिल्मों का आनंद ले सकें।
बैठक के अंत में सभी सिनेमाघर स्वामियों एवं संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए एक सप्ताह के भीतर अनुपालन आख्या संबंधित कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
