लावारिस बच्ची को गोद देने की मांग को लेकर निषाद बस्ती की महिलाओं का भूख हड़ताल, सरकार से लगाई न्याय की गुहार
आदर्श सहारा टाइम्स
मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के बिजौरा ग्राम सभा स्थित निषाद बस्ती में गुरुवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने भूख हड़ताल कर सरकार से न्याय की मांग की। महिलाओं का कहना है कि दो दिन पहले गांव की निवासी सरोज देवी को सुबह लगभग चार बजे शौच के लिए जाते समय रास्ते में रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पड़ी थी। सरोज देवी ने बच्ची को गोद में उठाया और इसकी सूचना सिरसा चौकी पुलिस को दी। इसके बाद उन्होंने दो दिनों तक बच्ची का पालन-पोषण भी किया।
महिलाओं के अनुसार, बाद में पुलिस सरोज देवी और बच्ची को प्रयागराज के चिल्ड्रेन अस्पताल लेकर गई। वहां उन्हें बताया गया कि बच्ची को फिलहाल बाल संरक्षण गृह (बाल आश्रम) भेजा जाएगा तथा उसके वास्तविक माता-पिता की तलाश की जाएगी। इसके बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी।
इस निर्णय से निषाद बस्ती के लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि जिसने बच्ची को जन्म देकर सड़क पर छोड़ दिया, उसने उसकी जिम्मेदारी नहीं निभाई, जबकि सरोज देवी उसे अपनाकर उसका पालन-पोषण करना चाहती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कानूनी प्रक्रिया के तहत संभव हो तो सरोज देवी को बच्ची को गोद लेने का अवसर दिया जाए।
भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं और ग्रामीणों ने सरकार से मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने तथा नियमानुसार उचित कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है।
