माता पार्वती की कठोर तपस्या और भगवान शिव का वैराग्य इस विवाह का आधार बना,गौरी गौरंगी

माता पार्वती की कठोर तपस्या और भगवान शिव का वैराग्य इस विवाह का आधार बना,गौरी गौरंगी

आदर्श सहारा टाइम्स

मेजा,प्रयागराज । मेजा क्षेत्र अंतर्गत औंता गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को शिव-पार्वती विवाह और धुंधकारी प्रसंग का वर्णन किया गया। यह कथा ब्लॉक प्रमुख उरूवा आरती पप्पू गौतम के आवास पर आयोजित की जा रही है।
अयोध्या से आईं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पूज्या गौरांगी गौरी ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता पार्वती की कठोर तपस्या और भगवान शिव का वैराग्य इस विवाह का आधार बना। कथा के दौरान हिमवान-मेना द्वारा विवाह की तैयारियों और भगवान शिव की बारात का भी उल्लेख किया गया। इस दौरान पंडाल ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।
कथा वाचक गौरांगी गौरी ने धुंधकारी प्रसंग का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि अपने कुकर्मों के कारण प्रेत योनि में भटक रहे धुंधकारी को उसके भाई गोकर्ण द्वारा आयोजित भागवत कथा के श्रवण से मोक्ष मिला। इस प्रसंग के माध्यम से कथा वाचक ने भागवत कथा के महत्व और मोक्ष के मार्ग पर प्रकाश डाला।
मुख्य यजमान कान्ती देवी और हीरा प्रसाद गौतम ने बताया कि यह आयोजन क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए किया जा रहा है। आयोजनकर्ता आरती पप्पू गौतम ने कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करते हैं। प्रतिनिधि भोला गौतम ने इस आयोजन को सामाजिक एकता का माध्यम बताया।
यह कथा प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित की जा रही है। कथा का समापन 5 जून को पूर्णाहुति और हवन के साथ होगा, जिसके बाद 6 जून को महाप्रसाद और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

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