मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने निदेशक, इलाहाबाद संग्रहालय के रूप में संग्रहालय परिसर का किया भ्रमण कर संग्रहालय की व्यवस्थाओं, आवश्यकताओं एवं समस्याओं की जानकारी ली
विभिन्न गैलरियों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर संग्रहालय की व्यवस्थाओं, आवश्यकताओं एवं समस्याओं की जानकारी लीरिजर्व में रखी प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व की कलाकृतियों को चरणबद्ध एवं थीम आधारित तरीके से प्रदर्शित करने, प्रत्येक तीन माह में प्रदर्शन में बदलाव करने तथा पटना एवं बेंगलुरु के विश्वस्तरीय संग्रहालयों से प्रेरणा लेकर इलाहाबाद संग्रहालय को और विकसित करने के दिए निर्देश
आदर्श सहारा टाइम्स
प्रयागराज । मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने आज निदेशक, इलाहाबाद संग्रहालय के रूप में संग्रहालय परिसर का भ्रमण कर विभिन्न गैलरियों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शित कलाकृतियों, संग्रहालय की व्यवस्थाओं एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी लेने के साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर संग्रहालय से संबंधित आवश्यकताओं एवं समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में अवगत कराए जाने पर कि संग्रहालय में उपलब्ध लगभग 90 प्रतिशत कलाकृतियां वर्तमान में रिजर्व में रखी हुई हैं, मंडलायुक्त ने रिजर्व में संरक्षित प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व की कलाकृतियों, विशेष रूप से पुराने एवं स्टोन स्कल्पचर्स को चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कलाकृतियों को लोगों के सामने लाने से नई पीढ़ी को उनके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को समझने तथा उनसे जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक तीन माह में थीम के आधार पर प्रदर्शित कलाकृतियों में बदलाव किया जाए, ताकि आगंतुकों को हर बार कुछ नया देखने को मिले और संग्रहालय के प्रति उनकी रुचि एवं आकर्षण बना रहे।
निरीक्षण के दौरान संग्रहालय की नेचुरल हिस्ट्री गैलरी में पक्षियों से संबंधित प्रदर्शित पुराने संरक्षित नमूनों एवं अवशेषों का भी अवलोकन किया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि जो नमूने अत्यधिक पुराने हो चुके हैं और नियमानुसार प्रतिस्थापित किए जा सकते हैं, उनके संबंध में प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, ताकि आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई की जा सके।
बैठक में मानसून के दृष्टिगत आगामी 25 अगस्त तक मानसून प्रदर्शनी आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसमें शहर के कलाकारों को आमंत्रित कर मानसून विषय पर तैयार उनकी पेंटिंग्स प्रदर्शित की जाएंगी। प्रदर्शनी में फोटो प्रदर्शनी को भी शामिल करने तथा आगे अन्य विषयों पर प्रदर्शनियों के आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही, स्कूलों के विद्यार्थियों को आमंत्रित कर ऑन-द-स्पॉट ऑयल एवं कैनवस पेंटिंग आयोजित कराने को कहा गया, ताकि युवा पीढ़ी में कला एवं संग्रहालय के प्रति रुचि को बढ़ावा मिल सके।
इलाहाबाद संग्रहालय को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एवं विश्वस्तरीय स्वरूप प्रदान करने के लिए मंडलायुक्त ने देश के प्रमुख संग्रहालयों की कार्यप्रणाली, नवाचारों एवं बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन करने पर जोर दिया। उन्होंने पटना एवं बेंगलुरु के विश्वस्तरीय संग्रहालयों से प्रेरणा लेते हुए इलाहाबाद संग्रहालय के विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में पटना संग्रहालय की टीम को आमंत्रित कर अनुभव एवं विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपस्थित नगर आयुक्त को मंडलायुक्त ने संग्रहालय परिसर के अंदर एवं बाहर मेगा क्लीनिंग ड्राइव चलाकर समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। मानसून के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए परिसर में आवश्यकतानुसार पेड़ों की छंटाई एवं अन्य अनुरक्षण कार्य भी प्राथमिकता से कराने को कहा गया।
संग्रहालय की गतिविधियों, प्रदर्शनियों एवं उपलब्धियों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचारित एवं प्रसारित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोग संग्रहालय की गतिविधियों से जुड़ सकें और इसकी समृद्ध विरासत से परिचित हो सकें।
