अमिलिया कलां की ऐतिहासिक रामलीला का हुआ भव्य समापन, रावण वध देख जय श्रीराम से गूंजा पंडाल
आदर्श सहारा टाइम्स
उरुवा (प्रयागराज)। मेजा तहसील के अमिलिया कलां गांव में चल रही कई दशकों पुरानी ऐतिहासिक रामलीला का समापन मंगलवार को रावण वध और दशहरा उत्सव के साथ हर्षोल्लास के साथ हुआ।
अंतिम दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और लंकापति रावण के बीच हुए भीषण युद्ध के मंचन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही श्री राम ने रावण का वध किया, पूरा मेला परिसर “जय श्री राम” और “जय जय सियाराम” के उद्घोष से गूंज उठा।
रामलीला के बाद परंपरा के अनुसार रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया, जिसके साथ ही असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष मनीलाल कुशवाहा, उपाध्यक्ष सुशील कुशवाहा, कोषाध्यक्ष धनेश कुशवाहा, डायरेक्टर अरुण कुशवाहा (जगदीश), उमाशंकर कुशवाहा, वरिष्ठ कलाकार लाल चंद्र कुशवाहा, रामदेव कुशवाहा, इंद्रमणि कुशवाहा, डॉ. शिवसागर कुशवाहा, हरिश्चन्द्र कुशवाहा, शिवबाबू कुशवाहा, अनिल गुप्ता, शेषमणि विश्वकर्मा, इंद्रजीत कन्नौजिया, डॉ. प्रेमचंद विश्वकर्मा, डॉ. अभिषेक नायक, प्रेमसागर कुशवाहा, शीलवंत कुशवाहा, इलेक्ट्रिशियन मुन्ना बजरंगी, श्याम सिंह कुशवाहा (जिला पंचायत प्रत्याशी), बेचन प्रसाद कुशवाहा, रमाकांत कुशवाहा, महंगू लाल, सुशील कुमार कुशवाहा (मन्नू) और व्यास जी शिवजी शुक्ला, ढोलक वादक टुनटुन सिंह सहित समस्त ग्रामवासी मौजूद रहे।
इस ऐतिहासिक रामलीला को देखने के लिए अमिलिया कलां सहित आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे पहुंचे थे।
कमेटी पदाधिकारियों ने बताया कि यह रामलीला क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर है। कमेटी ने शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग के लिए समस्त ग्रामवासियों, प्रशासन और दर्शकों का आभार जताया।
