भारत मंडपम में संपन्न हुआ ‘भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026’, 135 देशों के प्रतिनिधियों ने की भागीदारी; उपराष्ट्रपति ने स्वच्छ ऊर्जा को जन आंदोलन बनाने का दिया आह्वान
आदर्श सहारा टाइम्स
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित ‘भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026’ का भव्य समापन हुआ, जिसमें दुनिया भर के 135 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस वैश्विक सम्मेलन ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्रदर्शित किया।
उपराष्ट्रपति का आह्वान:
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्वच्छ ऊर्जा को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन केवल सरकारी नीतियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी से आगे बढ़ाना होगा।
भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य:
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने सम्मेलन में भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली क्षमता का ब्यौरा दिया और 2035-36 तक 800 गीगावाट नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी का नया लक्ष्य प्रस्तुत किया। यह लक्ष्य भारत की स्वच्छ ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वैश्विक सहभागिता:
समिट में 135 देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इसे एक वैश्विक मंच का रूप दिया, जहाँ स्वच्छ ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधनों और सतत विकास पर विचार-विमर्श हुआ।
