कृषि विभाग द्वारा आयोजित 05 दिवसीय विराट किसान मेले के चतुर्थ दिवस का आयोजन

 

कृषि विभाग द्वारा आयोजित 05 दिवसीय विराट किसान मेले के चतुर्थ दिवस का आयोजन

आदर्श सहारा टाइम्स

प्रयागराज । विशिष्ट अतिथि की अध्यक्षता में 5 दिवसीय विराट किसान मेला, माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-3 में स्थित गंगा पंडाल, प्रयागराज में आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग के अन्तर्गत खाद, बीज, कृषि रक्षा रसायन, सोलर पम्प, ड्रोन एवं विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया, डेयरी विभाग, उद्यान विभाग एवं विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा 40 से अधिक मेले में स्टाल लगाये गये जिसका विशिष्ट अतिथियो द्वारा अवलोकन किया गया। कार्यक्रम के चतुर्थ दिवस के विशिष्ट अतिथि द्वारा कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) प्रयागराज मण्डल-प्रयागराज, प्रसार निदेशक, शुआट्स, उप कृषि निदेशक, भूमि संरक्षण अधिकारी प्रयागराज, सहायक निदेशक (मृदा परीक्षण/कल्चर) क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला उमेश कुमार पटेल, निदेशक, फूलपुर फार्मर प्रोड्यूसर कं0लि0, एवं डा0 मुकेश पी0 मसीह, डा0 टी0डी0 मिश्रा, डा0 शैलेन्द्र कुमार, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालय शुआट्स नैनी, डा0 मनीष सिंह, वैज्ञानिक, कुलभाष्कर आश्रम महाविद्यालय एवं डा0 अमित कुमार केसरी, वैज्ञानिक-कृषि विज्ञान केन्द्र, कौशाम्बी समेत कृषि विभाग के अन्य अधिकारी/कर्मचारी, तथा जनपद के लगभग 6,50 कृषकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रीती त्रिपाठी द्वारा किया गया।

डा0 मनीष सिंह, कृषि वैज्ञानिक कुलभाष्कर डिग्री कालेज द्वारा मिलेट्स और कृषि तकनीक के प्रचार-प्रसार पर चर्चा करते हुए कहा कि श्री अन्न के उत्पादन से न सिर्फ कृषकों की आय में वृद्धि होगी अपितु कृषकों के खान-पान एवं मिट्टी के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा जिससे हम स्वस्थ रहेंगे, हमारी मृदा स्वस्थ होगी तथा हमारा वातावरण भी स्वस्थ्य होगा। सतत् कृषि को प्राप्त करने का जीवन्त साधन कम लागत में मिलेट्स की खेती करना है जिसमें संसाधनों की कम आवश्यकता पड़ती है। मिलेट्स को तकनीकी से जोड़ने पर विश्व बाजार में कृषि की भागीदारी को बढ़ाया जा सकता है।

फूलपुर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के निदेशक, श्री उमेश कुमार पटेल, ग्राम रमईपुर विकासखण्ड-बहादुरपुर द्वारा बताया गया कि कृषको के समूह के सहयोग से आज जनपद प्रयागराज के कई कृषक को अपनी देशी भिंडी का निर्यात दुबई जैसे देशों में कर रहे हैं जिससे उन्हें स्थानीय बाजार से अधिक मूल्य प्राप्त हो रहा है।

डा0 शैलेन्द्र कुमार, कृषि वैज्ञानिक शुआट्स, नैनी, प्रयागराज द्वारा पशु पोषण विषय पर चर्चा की गयी। पशुओं का स्वास्थ्य उतना ही आवश्यक है जितना कि उसका उत्पाद खाने वाले मनुष्य का है। एक स्वस्थ्य पशु से ही पोषक तत्व युक्त पदार्थ प्राप्त किया जा सकता है और पोषक पदार्थों के प्रयोग से ही हम स्वस्थ रह सकते हैं और देश स्वस्थ रह सकता है।

डा0 अमित केसरी, वैज्ञानिक, क0ेवी0के0 कौशाम्बी, द्वारा प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए बताया गया कि हमारे खेतों का स्वास्थ्य रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग के कारण खराब हो रहा है। जिससे न केवल उत्पादन प्रभावित हो रहा है अपितु मानव स्वास्थ्य पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ रहा है जिससे सुधार हेतु हमें रासायनिक खादों पर निर्भरता को न केवल कम करने की आवश्यकता है बल्कि इसे पूर्ण तरीके से समाप्त करके प्राकृतिक संसाधनों यथा गोबर की खाद, हरी खाद, जीवामृत, बीजामृत एवं अन्य जैविक खाद एवं कीटनाशकों का प्रयोग करना चाहिए जिससे भोज्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

डा0 जी0पी0एम0 सिंह वैज्ञानिक के0वी0के नैनी, प्रयागराज द्वारा फार्म मशीनरी बैंक के बारे में विस्तार से कृषि यंत्रों के प्रयोग के बारे में बताया गया। जी0पी0 सिंह ब्रह्माकुमारी से आये प्रतिनिधि द्वारा यौगिक खेती की अनूठी पद्धति के बारे में चर्चा की जो जैविक खेती को ध्यान के साथ जोड़ती है। फसलों को प्राकृतिक खाद देने के साथ-साथ मानसिक ऊर्जा दी जाती है जिससे बीजों की जमाव शक्ति एवं फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। साथ ही यह रसायन मुक्त और सात्विक उत्पादन को बढ़ावा देती है।

डा0 मुकेश पी मसीह वैज्ञानिक हेड के0वी0के0 प्रयागराज द्वारा कम लागत में किसान भाई कैसे अधिक उत्पादन करें इसके उपाय बताते हुए विस्तार से बताया गया।

डा0 आशीष श्रीवास्तव, कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र कौशाम्बी ने कृषकों को सम्बोधित करते हुए बताया कि प्शुपालन को कृषि में अपनाने से कृषकों की आय में वृद्धि होती है, अपशिष्टों को फसलों में कार्बनिक रसायन के तौर पर मिट्टी में उपयोग करने से जीवांशों की संख्या में वृद्धि होती है जिससे मृदा उर्वरता में वृद्धि होती है। देशी नश्ल के गौवंश के दूध की गुणवत्ता विदेशी नश्ल की गायों की अपेक्षा अधिक होती है।

उप कृषि निदेशक, प्रयागराज द्वारा जनपद में संचालित कृषक उत्पादक संगठनों के बारे में जानकारी कृषकों के मध्य साझा करते हुए बताया गया कि बीज उत्पादन एवं अन्य उत्पादों को कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से बेचकर कृषक बन्धु अपने उत्पादन का सही मूल्य प्राप्त कर सकते है। मेले का उद्देश्य कृषि विभाग एवं अन्य सहयोगी विभागों में संचालित होने वाली समस्त योजनाओं एवं तकनीकी जानकारी को कृषकों के मध्य साझा करना है। अन्त में सभी कृषक बन्धुओं से निवेदन किया कि सभी कृषक भाई फार्मर रजिस्ट्री अवश्य करायें जिससे उन्हें कृषि से जुड़ी योजनाओं का लाभ मिलता रहे।
अंत में उप कृषि निदेशक, प्रयागराज द्वारा चतृथ दिवस पर कृषकों, अधिकारियों, मीडिया सेल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गयी।

 

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