खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम को लेकर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने दिए कड़े निर्देश
बेकरी, होटल, मिठाई की दुकान, गोलगप्पा, डेयरी, पनीर, पोल्ट्री एवं कृत्रिम रूप से फल पकाने वाली इकाइयों की होगी सघन जांच
आदर्श सहारा टाइम्स
प्रयागराज । मंडल में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के दृष्टिगत मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने आज खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ अपनी प्रथम बैठक करते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा मिलावट, अस्वच्छता अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय के मामलों में प्रभावी एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सर्वप्रथम मंडलायुक्त ने खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से जनपद के विभिन्न जोन में तैनात अधिकारियों एवं टीमों की जानकारी लेते हुए मिलावट की रोकथाम के लिए निरीक्षण की प्रक्रिया तथा चिह्नित मामलों में की जा रही कार्रवाई की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बेकरी एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में मिलावट, अस्वच्छता अथवा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों में निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुपालन की स्थिति की भी जानकारी ली।
अधिकारियों द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने अपेक्षित प्रगति न होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए जोनल अधिकारियों एवं संबंधित टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में सघन अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जोन संख्या 1 से 3 की टीमों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की सभी बेकरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करें तथा वहां साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव, निर्माण प्रक्रिया एवं खाद्य पदार्थ तैयार करने में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की जांच करें। निरीक्षण के दौरान मानकों के विपरीत सामग्री, अस्वच्छता अथवा अन्य गंभीर कमी पाए जाने पर फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी सहित आवश्यक अभिलेख तैयार करते हुए नियमानुसार सीजिंग, अर्थदंड एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, किसी प्रतिष्ठान में अल्पवयस्कों से श्रम कराया जाना पाए जाने पर संबंधित प्रकरण में वीडियो एवं फोटोग्राफिक साक्ष्य संकलित करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
इसी क्रम में जोन संख्या 4 से 7 में होटल एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि होटलों के किचन में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के रखरखाव एवं भंडारण की व्यवस्था, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता तथा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए। जहां भी खाद्य पदार्थों में मिलावट, अस्वच्छता अथवा किचन में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाए, वहां तत्काल नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मंडलायुक्त ने केला एवं पपीता को कृत्रिम रूप से पकाने वाली इकाइयों का भी विशेष रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी इकाइयों में फलों को पकाने के लिए प्रयुक्त किए जा रहे रसायनों की जांच की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित मानकों के अनुरूप ही रसायनों का प्रयोग हो। मानकों के विपरीत अथवा प्रतिबंधित/अनधिकृत रसायनों के प्रयोग का कोई मामला पाए जाने पर उसे तत्काल रोके जाने तथा संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में व्हिप्ड क्रीम, मिठाई की दुकानों, गोलगप्पा प्रतिष्ठानों, पनीर, बिस्किट, डेयरी एवं पोल्ट्री उत्पादों की भी विशेष रूप से जांच करने के निर्देश दिए गए। इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण एवं भंडारण की स्थिति तथा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन का परीक्षण करते हुए मानकों का उल्लंघन अथवा मिलावट पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि यह अभियान तत्काल प्रभाव से व्यापक स्तर पर प्रारंभ किया जाए। प्रत्येक टीम द्वारा की गई कार्रवाई का दैनिक विवरण तैयार किया जाए तथा संबंधित अधिकारी वीडियो एवं फोटोग्राफिक साक्ष्य सहित दैनिक अपडेट उपलब्ध कराएं। प्रतिदिन निरीक्षण किए गए प्रतिष्ठानों/इकाइयों की संख्या, पाए गए उल्लंघनों तथा सीजिंग, अर्थदंड अथवा अन्य दंडात्मक कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किया जाए, ताकि अभियान की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी अनुश्रवण किया जा सके।
मंडलायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि अभियान के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा तथा अपेक्षित कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
