रामनगर माता धाम धर्मशाला की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर आक्रोश
आदर्श सहारा टाइम्स
मेजा । उरुवा क्षेत्र के रामनगर स्थित आदि शक्ति मां शीतला धाम में धर्मशाला की जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर क्षेत्र में तनाव और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि वर्षों पहले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाई गई धर्मशाला पर कुछ दबंग किस्म के लोगों ने कब्जा जमा लिया है, जिससे मंदिर परिसर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार आदि शक्ति मां शीतला मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है और लोगों की मान्यताओं के अनुसार इसे शक्तिपीठ के रूप में भी देखा जाता है। यहां दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। प्रत्येक माह लगने वाले विशाल मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वर्षों पहले धर्मशाला, कुआं और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण कराया गया था। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य बाहर से आने वाले भक्तों को ठहरने और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय के साथ धर्मशाला की देखरेख नहीं हो सकी, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोगों ने धीरे-धीरे वहां कब्जा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि धर्मशाला के एक हिस्से को ध्वस्त कर निजी उपयोग में लिया जा रहा है और वहां स्थायी रूप से डेरा जमा लिया गया है। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि आज भी वहां मौजूद पुराने खंडहर और निर्माण अवशेष इस बात का प्रमाण हैं कि उक्त भूमि पर पहले धर्मशाला मौजूद थी। मामले को लेकर क्षेत्र में आपसी विवाद और रंजिश की स्थिति भी बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो विवाद और बढ़ सकता है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर धर्मशाला की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। साथ ही मंदिर परिसर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए वहां पुनः धर्मशाला और अन्य सुविधाओं का विकास कराया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग से जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
