प्रयागराज, वाराणसी एवं विंध्याचल मण्डल की संयुक्त मण्डलीय खरीफ उत्पादकता समीक्षा गोष्ठी-2026 का आयोजन सम्पन्न

प्रयागराज, वाराणसी एवं विंध्याचल मण्डल की संयुक्त मण्डलीय खरीफ उत्पादकता समीक्षा गोष्ठी-2026 का आयोजन सम्पन्न

कृषि में आत्मनिर्भरता से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में मिलेगी मदद

कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के हिसाब से उर्वरकों का प्रयोग किये जाने का दिया सुझाव

मण्डलीय खरीफ गोष्ठी के आयोजन का उद्देश्य किसानों के सुझाव लेना तथा उनकी समस्याओं को सुनकर उनका समाधान कराया जाना-मा0 कृषि मंत्री

मा0 मंत्री  के द्वारा एमएनआईटी परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के अन्तर्गत किया गया पौधरोपण

आदर्श सहारा टाइम्स

प्रयागराज । प्रमुख सचिव(कृषि), उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में दिनांक 06 जून 2026 को मोती लाल नेहरू इंजीनियरिंग कालेज के एम0पी0 हाल में वाराणसी, विंध्याचल एवं प्रयागराज मण्डल की संयुक्त मण्डलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 का आयोजन किया गया। गोष्ठी में मा0 कृषि मंत्री जी उ0प्र0 सरकार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समीक्षा गोष्ठी में मण्डलायुक्त वाराणसी  रामलिंगम एस, मण्डलायुक्त विंध्याचल  राजेश प्रकाश, जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा, प्रबन्ध निदेशक, पी0सी0एफ0, निदेशक कृषि उ0प्र0, अपर कृषि निदेशक(कृषि रक्षा), तीनों मण्डल के समस्त मुख्य विकास अधिकारी तथा कृषि एवं संवर्गीय विभागों के मण्डलीय/जनपदीय अधिकारियों एवं विभिन्न जनपदों के प्रगतिशील कृषकों के द्वारा प्रतिभाग किया गया। श्री अनिल कुमार सागर संयुक्त कृषि निदेशक, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि मा0 कृषि मंत्री  सूर्य प्रताप शाही  एवं प्रमुख सचिव (कृषि)/अध्यक्ष द्वारा दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। तत्पश्चात मा0 मंत्री जी के द्वारा एमएनआईटी परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के अन्तर्गत पौधरोपण भी किया गया। इसके साथ ही उन्होंने वहां पर लगाये गये विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन भी किया। मा0 मंत्री जी द्वारा गोष्ठी में खरीफ के लिए की गयी तैयारी तथा मण्डलों में तैयार की गयी रणनीति की समीक्षा के साथ ही जनपदों के किसानों से फीडबैक लिया गया। गोष्ठी में तीनों मण्डलांे के सभी मुख्य विकास अधिकारियों के द्वारा उनके सम्बंधित जनपद की खरीफ की रणनीतियों से अवगत कराते हुए किसानों की फसल उत्पादकता व आय बढ़ाये जाने हेतु किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी गयी। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रीती त्रिपाठी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय कृषि मंत्री  सूर्य प्रताप शाही जी ने अपने सम्बोधन में प्रयागराज में आयोजित संयुक्त मण्डलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी को सबसे सार्थक गोष्ठी बताते हुए कहा कि गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों, किसानों, अधिकारियों द्वारा अपनी बात सही ढंग से रखी गयी है तथा किसानों के अनुभव सभी के लिए अनुकरणीय हैं, किसान के खेत ही प्रयोगशाला है तथा इनके अनुभव दूसरे कृषकों को भी प्रेरणा देंगे। मा0 मंत्री जी ने कहा कि गोष्ठियों के माध्यम से किसानों की समस्याओं को समझा जाता है तथा उसका समाधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि आज की गोष्ठी में किसानों के द्वारा जो समस्यायें बतायी गयी हैै, उनमें से जो समस्यायें शासन स्तर से सम्बंधित है, उनके निराकरण हेतु शासन स्तर पर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य में गिना जाता था, आज विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। मा0 मंत्री  ने कहा कि सरकार के द्वारा किसानों के हित में फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है। मा0 मंत्री  ने कहा कि मा0 प्रधानमंत्री जी व मा0 मुख्यमंत्री जी के कुशल निर्देशन में आज हमारा प्रदेश पूरे देश में खाद्यान्न उत्पादन में प्रथम स्थान पर है तथा सर्वाधिक खाद्यान्न का उत्पादन कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के पूर्व किसानों के फसलों के खरीददार नहीं मिलते थे आज सरकार खुद ही किसानों से एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित कर रही है, जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि धान की एमएसपी जो पहले 1310 रूपये प्रति कु0 थी आज मा0 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वह बढ़ाकर 2385 रू0 प्रति कु0 कर दी गयी है।

मा0 मंत्री  ने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार इस बार औसत से कम वर्षा होने की सम्भावना जतायी गयी है। उन्होंने कहा कि किसान भाई जहां पर सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, वहां पर कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों की बुआई करें। उन्होंने किसानों को उड़द, मंूग, चना, अरहर, मूंगफली की खेती अधिक से अधिक करने के लिए कहा। मा0 मंत्री जी ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों को सब्सिडी रेट पर कृषि यंत्रों को उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों की जो भी समस्यायें है, उनको प्राथकिता पर निस्तारित किया जा रहा है। मा0 मंत्री जी ने सभी किसानों को फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराने के लिए कहा। मा0 मंत्री जी ने किसानों को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने एवं फसल चक्र को अपनाये जाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि किसान भाई बीजों के दृष्टिगत खेती करें, उनसे उनको अधिक फायदा प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि ढैंचे की बोआई करें, सरकार उसके बीज को खरीदेगी, जिससे किसानों को धान और गेहूं की फसल से अधिक आय प्राप्त हो सकती है। सरकार द्वारा कृषकों को दलहन तिलहन के निःशुल्क बीज मिनीकिट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने पॉली हाउस पर देय अनुदान की जानकारी कृषकों को प्रचार-प्रसार कर करायी जाय। मा0 मंत्री जी द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु जनप्रतिनिधियों द्वारा भी 11 जून से 17 जून के मध्य 10किमी0 की पदयात्रा भी की जायेगी। साथ ही मा0 मंत्री जी द्वारा के0सी0सी0 कैम्प विकास खण्ड स्तर पर लगाये जाने की जानकारी दी गयी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव ने कहा कि आज संयुक्त मण्डलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में किसानों के द्वारा जो समस्याओं बतायी गयी है, सभी सम्बन्धित अधिकारी उनका प्राथमिकता पर निराकरण करायें। उन्होंने कहा कि खरीफ फसल के दृष्टिगत प्रदेश में कृषि निवेश, बीज उर्वरकों की उपलब्धता में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है, फिर भी मैं सभी किसान भाईयों से अपील करता हूं कि किसान रसायनिक उर्वरकों का मिट्टी की जांच कराते हुए कम से कम इस्तेमाल करें, क्योंकि रसायनिक उर्वरकों के ज्यादा प्रयोग से दिनो-दिन मृदा के स्वास्थ्य में ह्रास होने के साथ-साथ भूमि व फसल में विसाक्तता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाए जाने हेतु प्रति हेक्टेयर 07 बोरी यूरिया व 5 बोरी डीएपी की सीमा निर्धारित की गयी है। उन्होंने कहा कि जैसा कि वैज्ञानिकों के द्वारा एलनिनो के कारण औसत वर्षा कम होने की सम्भावना है, इसलिए किसान खरीफ में धान की फसल की कम क्षेत्रफल में रोपाई करें तथा शेष भूमि में दलहनी फसलों की बोआई करें। उन्होंने उरद, मंूग, अरहर की बोआई पर जोर देते हुए कहा कि उरद व अरहर की दालों की खरीद शत-प्रतिशत एमएसपी पर की जायेगी। उन्होंने किसानों से जल संरक्षण के बारे में गम्भीरता पूर्वक विचार करने तथा पानी के बचाव के उपाय करने के लिए कहा है। उन्होंने पानी की समस्या हेतु कृषकों को फसलों की सिंचाई में ड्रिप सिंचाई व स्प्रिंकलर को अपनाये जाने का सुझाव दिया तथा साथ ही मृदा की उर्वरता कम होने पर कृषकों को जैविक खेती अपनाने जाने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि समस्त मुख्य विकास अधिकारी/विभागीय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि अपने जनपद में उर्वरकों की कालाबाजारी न हो तथा टैंगिंग पर रोक लगायी जाय।

कृषि निदेशक डा0 पंकज त्रिपाठी द्वारा कृषि यंत्रों पर विशेषकर छोटे-छोटे कृषि यंत्रों पर देय अनुदान व्यवस्था की जानकारी दी गयी। यदि कोई नया यंत्र हो तो उसका प्रस्ताव प्रेषित करने की अपेक्षा की गई। उन्होंने सोलर फेंसिंग में कृषकों के जोत छोटी होने की समस्या बतायी तथा अवगत कराया कि बुंदेलखण्ड में पैकेज योजना संचालित की जा रही है जिसके सफल होने पर आगे अन्य क्षेत्र में लागू कराया जायेगा। सोलर पम्प स्थापित करने वाली फर्म को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं यदि किसी कम्पनी द्वारा यदि सर्विस नहीं दी जा रही हो तो जनपदीय उप कृषि निदेशक सम्बन्धित फर्म के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करायें। जनपद चंदौली में रैक प्वाइंट की स्थापना विचाराधीन है। उन्होंने जनपद के समस्त अधिकारियों को अलनीनों के प्रभाव से वर्षा अनियमित होने के लिए तैयार रहने एवं सूखे की स्थिति में दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा दें। साथ की कृषकों को कृषि निवेश गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके के उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गये। उपस्थित कृषकों से फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने हेतु प्रेरित किया गया जिससे समस्त योजनाओं का लाभ मिल सके।

गोष्ठी में तीनों मण्डल के समस्त मुख्य विकास अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में खरीफ की तैयारी पूरी है तथा जनपद में कृषि निवेश के कोई समस्या नहीं है। समस्त मुख्य विकास अधिकारियों द्वारा जनपद की समस्याओं से भी अवगत कराया गया। मण्डलायुक्त वाराणसी द्वारा अवगत कराया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में कृषि विविधीकरण पर अधिक बल दिया गया था इस वर्ष दलहन एवं तिलहन की एरिया बढाये जाने पर अधिक जोर दिया जा रहा है। साथ ही मण्डल की उत्पादकता जो पिछले खरीफ में धान में उत्पादकता 30कुं0 प्रति हे0 प्राप्त हुई थी को 32कुं0 प्रति हे0 प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही अधिक से अधिक के0सी0सी0 कैम्प लगाने की जानकारी दी गयी। उनके द्वारा मण्डल में बने पॉली हाउस एवं पॉली क्लीनिक को क्रियाशील कराया जायेगा। मण्डलायुक्त विंध्याचल मण्डल द्वारा भदोही में वेयर हाउस की जरूरत बतायी गयी तथा गोष्ठी में वन विभाग के अधिकारी को भी आमंत्रित करने मांग की गयी क्योंकि उनके मण्डल में सड़क बनाने वन विभाग के स्तर से काफी समस्या आ रही है तथा अपरोक्ष रूप से कार्य प्रभावित हो रहा है।

गोष्ठी में उपस्थित कृषक  अरविंद कुमार चौबे भदोही द्वारा के0सी0सी0 बनाने में समस्या एवं स्माट मीटर से अधिक बिल आने की समस्या बतायी गयी। मल्लूराम बिंद ने फर्म द्वारा सोलर पैनल न लगाये जाने की बात कही।  शारदा प्रसाद मिश्रा मिर्जापुर द्वारा अरहर की फसल में उकठा रोग की समस्या बतायी गयी। श्री प्रहलाद सिंह चुनार के कृषक द्वारा गंगा पर पम्प कैनाल एवं नहर निर्माण की समस्या एवं अहरौरा बांध से जल रिसाव की बात बतायी गयी। गाजीपुर के कृषक श्री रूद्र प्रताप सिंह नन्दिनी योजना जो पशुपालन विभाग से संचालित है की संख्या बढ़ाये जाने की मांग की गयी। श्री रणदेव चतुर्वेदी चंदौली द्वारा नहरों पानी के रिसाव की समस्या बतायी गयी तथा सिंचाई विभाग का कार्यालय वाराणसी से चन्दौली में स्थापित कराये जाने की मांग की गयी। श्रीमती संध्या ंिसंह जौनपुर द्वारा प्राकृतिक खेती के उत्पाद विक्रय हेतु मण्डी स्थल की मांग की गयी। वाराणसी के कृषक श्री ओम प्रकाश दूबे द्वारा डी0एस0आर0 विधि से धान की खेती में खर-पतवार अधिक होने की वजह से अनुदान की मांग की गयी। साथ ही प्रयागराज मण्डल के कृषकों द्वारा भी हाइब्रिड धान विक्रय की समस्या, बिजली कम आने की समस्या, आंवला का उचित मूल्य मिलने की समस्या, खतौनी में अंश निर्धारण की समस्या भी बतायी गयी।
मुख्य अभियंता ंिसंचाई विभाग वाराणसी मण्डल श्री एस0के0 सिंह द्वारा बताया गया कि जर्गोबांध परियोजना बनी है जिसमें 318 फिट के सापेक्ष 317 फिट पानी भरा हुआ है तथा यह परियोजना विचाराधीन है तथा जर्गो हुसैनपुर लिंक जो वाणसागर की परियोजना है जिसे गड़ही नदी से जोड़ा गया है जो कि विचाराधीन है। अहरौरा डैम का मरम्मत किये जाने की आवश्यकता है तथा बाध का 2 गेट अस्थायी रूप से बंद किया गया है। साथ ही गाजीपुर के नहरे जो कि टेल पर स्थित हैं में पानी बढ़ाने का कार्य किया जायेगा तथा नहरों को रोस्टर से हिसाब से चलाया जायेगा। मुख्य अभियंता विद्युत द्वारा अवगत कराया गया कि शासन की नीति के अनुसार प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाया गया जिसे वर्तमान में पोस्टपेड किया जा रहा है तथा रोस्टर के अनुसार विद्युत की पूर्ति की जा रही है। अपर निदेशक पशुपालन द्वारा अवगत कराया गया कि दुग्धपालन की नन्दिनी योजना में शासन से लक्ष्य निर्धारित है जिसे बढ़ाये जाने की मांग की गयी है। उद्यान विभाग के अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि पॉलीहाउस में 50 प्रतिशत सब्सिडी देय है जिसपर 3वर्ष का प्रतिबंध है जिसके टॉप-अप हेतु अनुरोध किया गया है। प्रबन्ध निदेशक सहकारिता द्वारा अवगत कराया गया कि समितियों का पुनरोद्धार कराया जा रहा है तथा 1 महीने के अन्दर आपरेटर की व्यवस्था समितियों पर करायी जायेगी। साथ ही ई0के0सी0सी0 पोर्टल के माध्यम से आसानी से ऋण प्राप्त किया जा सकता है। अपर कृषि निदेशक कृषि रक्षा द्वारा अरहर में उकठा रोग की समस्या के निस्तारण हेतु विवेरिया वैसियाना एवं ट्राइकोडर्मा से बीज शोधन की सलाह दी तथा अवगत कराया गया कि कृषि विभाग की इकाइयों पर 75प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध है। गोष्ठी मंें कृषि वैज्ञानिक श्री एम0पी0सिंह के0वी0के0 छाता, डा0 मनीष कुमार, डा0 मनीष केसरवानी एवं डा0 शैलेन्द्र सिंह द्वारा खरीफ में बोई जाने फसलों विशेष कर डी0एस0आर0 पद्धति से धान की खेती, प्राकृतिक खेती एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग के विषय में विस्तार से जानकारी दी गयी।

गोष्ठी में प्रमोशन आफ एग्रीकल्चरल मैकनाइजेशन फार इन-सी-टू मैनेजमेंट आफ क्राप रिजीड्यू योजना में प्रयागराज जनपद के कृषक श्री अनुज कुमार सिंह को कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु रू0 1929760/- का चेक, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन में किसान श्री राजनारायण को ड्रोन पर रू0 498500/- का चेक का वितरण, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन में श्री यशोदानन्द को कस्टम हॉयरिंग सेन्टर पर रू0 400000/- की चाभी का वितरण, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन में किसान श्री जय प्रकाश को कस्टम हायरिंग सेंटर हेतु रू0 344600/- का चाभी का वितरण, सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन में श्रीमती ज्ञानदेवी को कस्टम हॉयरिंग सेन्टर पर रू0 400000/- की चाभी का वितरण एवं श्री रोहित लाल, श्रीमती प्रभावती भरतीया,  राम सुमेर,  राम स्वरूप, दिनेश कुमार पटेल, संजय कुमार पाण्डेय को अरहर/उर्द बीज मिनीकिट का वितरण तथा  मनोज कुमार,  सभालाल को आई0पी0एम0 किट का वितरण मा0 कृषि मंत्री/प्रमुख सचिव(कृषि) द्वारा किया गया।  अनिल कुमार सागर संयुक्त कृषि निदेशक प्रयागराज मण्डल द्वारा धन्यवाद ज्ञापित कर गोष्ठी का समापन किया गया।

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