जंतर मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा,आंदोलन लोकतंत्र का श्रृंगार है, इसे लाठी से नहीं दबाया जा सकता” – मनीषा बौद्ध
आदर्श सहारा टाइम्स
उरुवा प्रयागराज। दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर कूच कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी उरुवा तृतीय वार्ड संख्या 73 मनीषा बौद्ध ने कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार हर नागरिक को है। छात्रों की आवाज़ को बल प्रयोग से नहीं, संवाद और संवेदनशीलता से सुना जाना चाहिए।
मनीषा बौद्ध ने कहा “यह निरंकुश शासन अंग्रेजी शासन की याद दिला रहा है। छात्र और युवा की आवाज को लाठी और बंदूक के बल पर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। बाबा साहब का संविधान किसी आंदोलन को दबाने की अनुमति नहीं देता है। आंदोलन तो लोकतंत्र का श्रृंगार है और साथ में हथियार भी है।”
उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो और छात्रों की मांगों पर तत्काल वार्ता की जाए।
