बाढ़ में इंसानियत की मिसाल: अलख सर, सहज दुग्गल और हुसैन मंसूरी बने असम के पीड़ित परिवारों का सहारा
यूट्यूबर और इंफ्लुएंसर; राहत कार्यों में बढ़-चढ़कर दे रहे योगदान
आदर्श सहारा टाइम्स
असम के शिवसागर जिले में बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे असम में जहां हजारों परिवार मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं, वहीं इस संकट की घड़ी में इंसानियत की एक खूबसूरत तस्वीर भी सामने आ रही है। अलख सर, सहज दुग्गल और हुसैन मंसूरी बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच मदद का हाथ बढ़ाकर उनके लिए सहारा बने हुए हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को भोजन, जरूरी सामान और अन्य आवश्यक मदद उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। इस मानवीय पहल में केवल सामाजिक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोग, यूट्यूबर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भी आगे आकर राहत कार्यों में अपना योगदान दे रहे हैं।
सोशल मीडिया बना मदद की आवाज
यूट्यूबर और इंफ्लुएंसर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों की स्थिति लोगों तक पहुंचा रहे हैं। उनके प्रयासों से जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को राहत कार्यों से जोड़ने में मदद मिल रही है।
वहीं स्थानीय लोग भी अपनी क्षमता के अनुसार पीड़ित परिवारों के लिए भोजन, पानी, कपड़े और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने में जुटे हैं। संकट की इस घड़ी में समाज के अलग-अलग वर्गों का एक साथ खड़ा होना असम में मानवता और सामाजिक एकजुटता की मिसाल पेश कर रहा है।
मुश्किल वक्त में साथ खड़ा होना ही सच्ची इंसानियत
अलख सर, सहज दुग्गल और हुसैन मंसूरी की पहल के साथ स्थानीय लोगों, यूट्यूबर और इंफ्लुएंसर की भागीदारी ने राहत कार्यों को और मजबूती दी है। बाढ़ की मार झेल रहे परिवारों के लिए यह मदद केवल राहत सामग्री नहीं, बल्कि यह भरोसा भी है कि मुश्किल समय में वे अकेले नहीं हैं।
आपदा की इस घड़ी में सामने आई यह तस्वीर समाज को एक मजबूत संदेश देती है—“बाढ़ पानी से घरों को डुबो सकती है, लेकिन इंसानियत को नहीं।”
