पंचायत सहायकों का लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना, पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से आर-पार की लड़ाई
आदर्श सहारा टाइम्स
लखनऊ। प्रदेशभर के पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 7 सितंबर से लखनऊ के ईको गार्डेन में अनिश्चितकालीन विशाल धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे लंबे समय से ग्राम पंचायत स्तर पर पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं और मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी को लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में पंचायत सहायक ईको गार्डेन पहुंचकर आंदोलन में शामिल हुए हैं।
धरना प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने सरकार के सामने पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
पहली मांग: पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल की मुख्यमंत्री जी से मुलाकात कराई जाए, ताकि पंचायत सहायकों की समस्याओं और मांगों को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखा जा सके और उनके समाधान की दिशा में ठोस निर्णय लिया जा सके।
दूसरी मांग: पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। पंचायत सहायकों का कहना है कि वर्तमान मानदेय में परिवार का खर्च चलाना बेहद कठिन है। यदि 30 हजार रुपये मानदेय की मांग पूरी नहीं की जाती है तो उन्हें उत्तर प्रदेश में लागू न्यूनतम कुशल मजदूरी के अनुसार पारिश्रमिक दिया जाए।
तीसरी मांग: पंचायत सहायकों की अनुबंध एवं संविदा व्यवस्था को समाप्त करते हुए उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाए। पंचायत सहायकों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर लगातार जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बावजूद उन्हें संविदा व्यवस्था के तहत रखा गया है, जिसे समाप्त किया जाना आवश्यक है।
चौथी मांग: महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा प्रदान की जाए। इसके साथ ही महिला पंचायत सहायकों की पारिवारिक एवं आवश्यक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए।
पांचवीं मांग: पंचायत सहायकों के कार्य एवं अनुभव को देखते हुए ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत अधिकारी के पदों पर 50 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जाए। पंचायत सहायकों का कहना है कि ग्राम पंचायत स्तर पर काम करने के दौरान उन्हें विभागीय कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है, इसलिए उनकी सेवाओं और अनुभव को भविष्य की नियुक्तियों में उचित महत्व मिलना चाहिए।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
पंचायत सहायकों ने कहा कि वे ग्राम पंचायतों में विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं विभागीय कार्यों को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद मानदेय, नौकरी की स्थिरता, महिला कर्मचारियों की सुविधाओं तथा भविष्य में पदोन्नति अथवा रोजगार के अवसरों को लेकर उन्हें लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ईको गार्डेन में चल रहे धरना प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द से जल्द वार्ता करने और समाधान निकालने की अपील की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक पांचों मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
प्रदेशभर से पंचायत सहायकों के लखनऊ पहुंचने से आंदोलन को व्यापक रूप मिलने की बात कही जा रही है। अब पंचायत सहायकों की नजर सरकार की ओर से होने वाली वार्ता और उनकी मांगों पर लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी हुई है।
