गैस एजेंसी संचालकों का भाड़ा वृद्धि की मांग को लेकर उग्र आंदोलन का ऐलान
आदर्श सहारा टाइम्स
मेजा (प्रयागराज): मेजा क्षेत्र में रसोई गैस वितरण से जुड़े एजेंसी संचालकों में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रति सिलेंडर मात्र ₹32 भाड़ा मिलने के कारण संचालकों को लगातार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। बढ़ती डीजल और पेट्रोल की कीमतों के साथ-साथ महंगाई ने एजेंसी संचालकों की कमर तोड़ दी है, जिससे उनके लिए व्यवसाय चलाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इस समस्या के स्थाई समाधान और अपनी मांगों को लेकर संचालकों ने तहसील स्तर से लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की पूरी योजना तैयार कर ली है।
डीजल की बढ़ती कीमतों और संचालन खर्च से भारी नुकसान
एजेंसी संचालकों का कहना है कि वर्तमान में विभाग द्वारा दिया जा रहा मानदेय या भाड़ा बेहद कम है। पिछले कुछ समय में कर्मचारी का वेतन, गाड़ियों का डीजल खर्च, गोदाम का किराया, बिजली का बिल और बीमा प्रीमियम अत्यधिक बढ़ चुके हैं। इसके अलावा सुरक्षा उपकरण और अन्य आवश्यक रखरखाव सामग्री भी महंगी हो चुकी है। इन सभी खर्चों के बावजूद प्रति सिलेंडर भाड़े में कोई वृद्धि नहीं की गई है। आय कम और खर्च अधिक होने के कारण एजेंसी संचालक लगातार घाटे में जा रहे हैं, जिससे उनके सामने अपना कारोबार बंद करने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
20 सितंबर को मेजा तहसील में ज्ञापन और आंदोलन की रूपरेखा
आंदोलन की रणनीति के तहत दिव्यांश गैस एजेंसी के संचालक नितिन नाथ तिवारी की अगुवाई में मेजा विधानसभा क्षेत्र के सभी संचालक 20 सितंबर को मेजा तहसील परिसर में एकत्रित होंगे। यहाँ वे उपजिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। इस ज्ञापन के ज़रिए सरकार से भाड़ा बढ़ाने और एजेंसी संचालकों के आर्थिक हितों की रक्षा करने की अपील की जाएगी। तहसील स्तर पर अपनी बात रखने के बाद सभी संचालक दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
26 सितंबर से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना
तहसील स्तर पर प्रदर्शन के पश्चात आगामी 26 सितंबर को मेजा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के गैस एजेंसी संचालक दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए रवाना होंगे। जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.एस. शर्मा, जे.के. एचपी गैस एजेंसी के संचालक अभिषेक मिश्रा, सरिता एचपी गैस एजेंसी के संचालक अरुण तिवारी, और दिशा भारत गैस एजेंसी के संचालक प्रेम शंकर सिंह समेत कई प्रमुख संचालक अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे।
सप्लाई रोकने की चेतावनी से उपभोक्ताओं पर संकट
एजेंसी संचालकों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सरकार और संबंधित विभाग ने उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे उग्र कदम उठाने को मजबूर होंगे। संचालकों ने स्पष्ट किया है कि वे न तो तेल कंपनियों को नया पैसा जमा करेंगे और न ही नए गैस सिलेंडरों का ऑर्डर देंगे।
यदि आपूर्ति ठप होती है, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा और हजारों उपभोक्ताओं के घरों में चूल्हा जलना बंद हो जाएगा। संचालकों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
