ऐतिहासिक मेजा बाबा बोलन नाथ धाम पर 20-21 सितंबर को लगेगा दो दिवसीय वार्षिक मेला
मेजा की पहाड़ी के किनारे स्थित प्राचीन धाम में तैयारियां शुरू, श्रद्धालुओं की उमड़ेगी भीड़
सहारा सन्देश टाइम्स
मेजा, प्रयागराज। मेजा की पहाड़ी के किनारे स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल बाबा बोलन नाथ धाम पर आगामी 20 और 21 सितंबर को दो दिवसीय वार्षिक मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले को लेकर आयोजन समिति के साथ स्थानीय प्रशासन की ओर से भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों के पहुंचने की संभावना है।
बाबा बोलन नाथ धाम क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यह प्राचीन स्थल धार्मिक महत्व के साथ-साथ ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया जाता है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इस स्थान का संबंध महाभारत काल से रहा है। धाम परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में मौजूद प्राचीन संरचनाएं, मूर्तियां और शिवलिंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।
स्थानीय लोक मान्यता के अनुसार, इस क्षेत्र में अर्जुन कुंड और बाण गंगा जैसे प्राचीन जलस्रोत भी मौजूद हैं, जिनका संबंध पांडव काल से जोड़ा जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि पांडवों के वनवास के दौरान इस क्षेत्र में उनके आने-जाने के प्रमाण लोककथाओं और परंपराओं के रूप में आज भी सुनने को मिलते हैं। हालांकि इन मान्यताओं के ऐतिहासिक प्रमाणों को लेकर अलग-अलग मत हो सकते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की आस्था में बाबा बोलन नाथ धाम का विशेष स्थान है।
मेले में रहेगी धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की धूम
दो दिवसीय वार्षिक मेले के दौरान बाबा बोलन नाथ धाम में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटेगी। दूर-दराज के गांवों से लोग परिवार के साथ धाम पहुंचकर बाबा के दर्शन करेंगे और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूजा-पाठ करेंगे। मेले में पारंपरिक वस्तुओं एवं खान-पान की दुकानें सजाई जाएंगी।
बच्चों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले और खेल-तमाशे भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्थानीय कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाने की भी तैयारी है। इससे मेले में धार्मिक वातावरण के साथ ग्रामीण संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।
प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज
मेले को देखते हुए मेजा प्रशासन एवं संबंधित अधिकारी व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियों में जुट गए हैं। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रास्ते, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा जैसे आवश्यक इंतजाम किए जाने की तैयारी है। मेले के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है।
आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि मेले को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारियां लगातार की जा रही हैं। धाम परिसर की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का कार्य भी शुरू हो गया है।
दो दिनों तक चलने वाला यह वार्षिक मेला क्षेत्र के लोगों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मिलन का अवसर भी बनेगा। आसपास के गांवों के लोग मेले में पहुंचकर बाबा बोलन नाथ के दर्शन करने के साथ मेले का आनंद लेंगे। 20 और 21 सितंबर को बाबा बोलन नाथ धाम श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की आस्था तथा उत्साह का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।
