कोरांव में खप सकती है अवैध पटाखों की बड़ी खेप, दीपावली से पहले बढ़ी चिंता
बिना लाइसेंस पटाखों की खरीद-फरोख्त की आशंका, घनी आबादी के बीच अवैध भंडारण बना सकता है बड़े हादसे का कारण
पुलिस और प्रशासन की निगरानी पर टिकी लोगों की निगाहें, जांच अभियान चलाने की उठ रही मांग
आदर्श सहारा टाइम्स
कोरांव ,प्रयागराज। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही कोरांव क्षेत्र में पटाखों की खरीद-फरोख्त को लेकर गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच क्षेत्र में अवैध पटाखों की बड़ी खेप खपाए जाने की आशंका ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चाओं के अनुसार, क्षेत्र में अवैध रूप से पटाखों की आपूर्ति और बिक्री की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, अभी तक किसी बड़ी खेप की बरामदगी अथवा अवैध कारोबार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पटाखों का कारोबार अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। इसमें थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विशेषकर घनी आबादी वाले बाजारों, संकरी गलियों और आवासीय इलाकों में बिना सुरक्षा मानकों के पटाखों का भंडारण लोगों की जान-माल के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में बिना वैध अनुमति पटाखों की खरीद-फरोख्त और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाना जरूरी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दीपावली के दौरान पटाखों की मांग बढ़ने के साथ ही अवैध कारोबार करने वाले सक्रिय हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को समय रहते सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, दुकानों और संभावित भंडारण स्थलों की जांच कर लाइसेंस एवं सुरक्षा मानकों का सत्यापन किया जाना आवश्यक है।
घनी आबादी में भंडारण बना खतरा
कोरांव बाजार सहित आसपास के कस्बाई इलाकों में यदि बिना अनुमति पटाखों का भंडारण किया जाता है तो यह गंभीर खतरा साबित हो सकता है। पटाखों की दुकानों पर अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, सुरक्षित दूरी, निर्धारित भंडारण क्षमता और अन्य जरूरी मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार
दीपावली के त्योहार को देखते हुए स्थानीय लोगों की निगाहें अब पुलिस, तहसील प्रशासन और अग्निशमन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों की मांग है कि संभावित अवैध पटाखों के कारोबार की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा बिना लाइसेंस बिक्री और भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे त्योहार के दौरान बाजार और आम नागरिक सुरक्षित रह सकें।
