अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य ने स्वास्थ्य विभाग की मण्डलीय समीक्षा बैठक की

अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य ने स्वास्थ्य विभाग की मण्डलीय समीक्षा बैठक की

 

अपर मुख्य सचिव ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारी से सीएचसी, पीएचसी का औचक निरीक्षण करने तथा 30 प्रतिशत निरीक्षण रात्रि के समय किए जाने के दिए निर्देश

आदर्श सहारा टाइम्स

प्रयागराज । अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश अमित कुमार घोष की अध्यक्षता एवं मण्डलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग की मण्डलीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा करते हुए सभी सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सर्वप्रथम मण्डलायुक्त के द्वारा वर्ष 2023-25 के मध्य हुई सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु एवं गम्भीर रूप से घायलों का विवरण दिया गया और सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में कैसे कमी लायी जा सकती है तथा एम्बुलेंस की लोकेशन मैपिंग कराकर एम्बुलेंस की रिस्पांश टाइम किस प्रकार घटाया जा सकता है एवं गोल्डेन ऑवर में घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके, के बारे में बनाये गये प्लान के बारे में विस्तार से बताया, जिसपर अपर मुख्य सचिव के द्वारा प्रसन्नता व्यक्त की गयी और एम्बुलेंस के एलोकेशन हेतु मैपिंग की व्यवस्था को इसी प्रकार प्रदेश के अन्य जनपदों में भी अपनाये जाने के लिए कहा है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव के द्वारा मण्डल के समस्त जनपदों में स्थित स्वास्थ्य इकाइयों का अन्य जनपदों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई विजिट के उपरांत सुधारात्मक कार्यवाही का विस्तार से समीक्षा किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता, चिकित्सालयों में मूलभूत अवसरंचना, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, क्रिटिकल इक्यूपमेंट की उपलब्धता, स्टाफ की उपस्थिति, बायोमेडिकल डिस्पोजल, पेयजल, वेटिंग एरिया, टॉयलेट, इंटरनेट, साफ-सफाई, हाई रिस्क प्रेगनेंसी, टीकाकरण, मातृ एवं बाल मृत्यु दर, एफआरयू, विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि सभी जनपदों में संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये तथा आमजन को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराया जाये।

बैठक में अपर मुख्य सचिव ने मण्डल के सभी चारों मुख्य चिकित्साधिकारियों को चिकित्सालयों में मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित किए जाने में लापरवाही बरतने आवश्यक, इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाने में दिलचस्पी न लिए जाने पर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश मण्डलायुक्त को दिए है। उन्होंने मेडिकल कालेज प्रतापगढ़ के प्राचार्य के बिना पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहने पर उनका स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए है। उन्होंने जनपद प्रतापगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की वृद्धि में अपेक्षित प्रगति न पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को बिना इडेंट जेनरेशन के कोई भी दवाएं सप्लाई न हो, सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। कहा कि यदि बिना इंडेंट जनरेशन के कोई भी औषधि आपूर्ति होगी, तो सम्बंधित मुख्य चिकित्साधिकारी व चिकित्सा अधीक्षक के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को सभी चिकित्सालयों में आवश्यक सुविधाओं की कमियों की समीक्षा करते हुए उन्हें सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों में संसाधनों की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित हो तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाये तथा स्वास्थ्य केन्द्रों पर साफ-सफाई एवं बेहतर व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाये। उन्होंने मण्डलायुक्त से सभी जनपदों में जांच टीमें गठित कर चिकित्सालयों की स्वास्थ्य सुविधाओं की रैण्डम जांच कराये जाने के निर्देश दिए है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों से चादरों के धुलाई की क्या व्यवस्था है, की जानकारी लेते हुए सभी चिकित्सालयों में चादरों की धुलाई में उच्च क्वॉलिटी सुनिश्चित करने के साथ ही बेड की संख्या के अनुरूप चादरों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के लिए कहा है। उन्होंने सभी से धुलाई केन्द्रों में चादरों की हो रही धुलाई कार्य का नियमित रूप से निरीक्षण करने के लिए भी कहा है। उन्होंने निष्प्रयोज्य योग्य एम्बुलेंस को निष्प्रयोज्य घोषित करने की कार्यवाही कराते हुए सभी की 03 माह के अंदर नीलामी कराये जाने तथा सभी चिकित्सालयों में किसी भी प्रकार का स्कै्रप डम्प नहीं पाया जाये, का निर्देश दिया है।

अपर मुख्य सचिव ने एएनसी रजिस्टेशन के सापेक्ष शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए कहा है। उन्होंने हाईरिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की गहनता से मानीटरिंग करने के निर्देश दिए है। उन्होंने संस्थागत प्रसव के मामलों में 48 घण्टे तक चिकित्सालय में अवश्य भर्ती रखने के लिए कहा है। उन्होंने मातृ मृत्यु व शिशु मृत्यु की शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने एवं कारणों की समीक्षा के निर्देश दिए है। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूलपुर में बेड एक्यूपेंसी, मात्र 19.40 प्रतिशत पाये जाने तथा एसएनसीयू पीडब्लूडी कौशाम्बी में संस्थागत प्रसव में औसत स्टे ड्यूरेशन 2.3 ऑवर ही होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सुधार लाए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिए है। अपर मुख्य सचिव ने जनपद फतेहपुर व कौशाम्बी की सीएचसी में थ्राम्बोलिसिस की संख्या शून्य होने तथा मेडिकल कालेज फतेहपुर, कौशाम्बी, प्रयागराज में अत्यधिक कम संख्या में थ्राम्बोलिसिस होने एवं हार्ट अटैक के आंकड़ों की कम संख्या में रिपोर्टिंग होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

अपर मुख्य सचिव ने अपर निदेशक से 15 दिन में सभी मुख्य चिकित्साधिकारी के द्वारा सभी सीएचसी, पीएचसी का औचक निरीक्षण करने तथा किए जाने वाले निरीक्षणों में कम से कम 30 प्रतिशत निरीक्षण रात्रि के समय किए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाये जाने हेतु अपना शत-प्रतिशत प्रयास करने के लिए कहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु निरंतर मानीटरिंग की जाये तथा जनता की शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जाये।

इस अवसर पर महानिदेशक परिवार कल्याण, अपर निदेशक  डॉ0 राकेश शर्मा, मण्डल के सभी मुख्य चिकित्साधिकारी, सभी मेडिकल कालेजों के प्राचार्य, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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