बसंत पंचमी स्नान पर्व को लेकर श्री अनंत महादेव सेवा शिविर, सुशील महाराज जी ने दिया संदेश
आदर्श सहारा टाइम्स
प्रयागराज। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर श्री अनंत महादेव सेवा शिविर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान आचार्य सुशील महाराज जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पर्व के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, साधना और पवित्रता का प्रतीक है। इस दिन गंगा स्नान करने से मन, तन और आत्मा की शुद्धि होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
सुशील महाराज जी ने कहा कि बसंत पंचमी मां सरस्वती को समर्पित पर्व है, जो विद्या, बुद्धि और विवेक की अधिष्ठात्री देवी हैं। इस दिन श्रद्धालुओं द्वारा किया गया स्नान, जप और ध्यान विशेष फलदायी होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे श्रद्धा और संयम के साथ संगम में स्नान करें तथा पर्व की गरिमा बनाए रखें।
उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन किया गया पुण्य कर्म कई गुना फल देता है। माघ मास में स्नान का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि यह समय तप, त्याग और साधना का माना गया है। ऐसे में बसंत पंचमी पर किया गया गंगा स्नान मोक्ष की ओर अग्रसर करने वाला होता है।
कार्यक्रम के दौरान सुशील महाराज जी ने प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु नियमों का पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें और एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करें।
श्री अनंत महादेव सेवा शिविर में बड़ी संख्या में संत-महात्मा और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने महाराज जी के प्रवचन को ध्यानपूर्वक सुना और बसंत पंचमी के पावन स्नान के लिए उत्साहपूर्वक तैयारी करने का संकल्प लिया।
