माघ पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व, भंडारे में शामिल होने की अपील
आदर्श सहारा टाइम्स
प्रयागराज। पंचायती श्री निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी विनयानंद गिरी जी श्री हरि धाम के पीठाधीश्वर ने माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि माघ पूर्णिमा हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी तिथि मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य, जप-तप और सेवा कार्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में वर्णित है कि माघ मास में किया गया प्रत्येक सत्कर्म कई गुना फलदायी होता है।महामंडलेश्वर
स्वामी विनयानंद गिरि महाराज ने बताया कि माघ पूर्णिमा के दिन संतों का सान्निध्य, धर्म चर्चा और सेवा कार्य मानव जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। इस अवसर पर श्रद्धालु अपनी आत्मशुद्धि के साथ समाज सेवा का संकल्प भी लेते हैं। उन्होंने कहा कि माघ पूर्णिमा केवल स्नान-दान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन और मानव कल्याण का पर्व है।
पीठाधीश्वर ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री हरि धाम सेवा समिति की ओर से माघ पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सुन्दरकाण्ड व भव्य भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने क्षेत्रवासियों एवं दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने और सेवा पुण्य के भागी बनने की अपील की।
महामंडलेश्वर स्वामी विनयानंद वगिरि महाराज ने कहा कि सेवा ही सच्चा धर्म है और भंडारे के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन कराना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। अंत में उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए माघ पूर्णिमा पर्व को श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाने का आह्वान किया।
