जिलाधिकारी ने तहसील मेजा पहुंचकर तहसील परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया
5 वर्ष व 3 वर्ष से अधिक समय से लम्बित प्रकरणों को एक साथ सूचीबद्ध कर नियमित सुनवाई करते हुए प्रकरणों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने के दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से रखे जाने के लिए दिए निर्देश
आदर्श सहारा टाइम्स
मेजा। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सोमवार को तहसील मेजा पहुंचकर तहसील परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया तथा आवश्यक निर्देश दिये हैं। उन्होंने तहसील परिसर में स्थित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार के कार्यालय सहित अन्य कार्यालयों एवं पटल का भ्रमण कर प्रशासनिक कार्यों, अभिलेखों का रख-रखाव, पत्राचार, पुराने प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति, जनसुनवाई व्यवस्था और कार्मिकों की कार्यप्रणाली की जांच करते हुए आवश्यक निर्देश दिये हैं।
जिलाधिकारी के द्वारा मेजा तहसील में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के कोर्ट सहित अन्य कक्षों में फाइलों का अच्छा रख-रखाव नहीं होने तथा सभी कोर्ट में धारा-38 एवं अन्य धाराओं से सम्बंधित पत्रावलियों के अत्यधिक संख्या में लम्बित होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उपजिलाधिकारी, तहसीलदार व अन्य अधिकारियों को पुराने समय से लम्बित सभी प्रकरणों में नियमित सुनवाई करते हुए इन्हें प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने 5 वर्ष व 3 वर्ष से से अधिक समय से लम्बित कई पुरानी फाइलों को निकलवाकर उनके सुनवाई तथा निस्तारण की स्थिति को देखा एवं सम्बंधित प्रकरणों को एक साथ सूचीबद्ध करते हुए नियमित सुनवाई पर लगाकर प्रकरणों को प्राथमिकता पर जल्द से जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी फाइलों को रजिस्टर में अवश्य दर्ज करने एवं लम्बित तथा निस्तारित प्रकरणों की फाइलों को अलग-अलग कर सभी को सुव्यवस्थित ढंग से रखे जाने के लिए कहा। उन्होंने अंश निर्धारण, वरासत, धारा-32/38, धारा-24 आदि से सम्बंधित अविवादित प्रकरणों में सम्बंधित पक्षों की सुनवाई करते हुए तत्काल निस्तारित करने के लिए निर्देशित किया है।
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से उनसे सम्बंधित कार्यों के बारे में जानकारी ली और सभी सम्बंधित अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारी मेजा से सभी पुराने लम्बित प्रकरणों को नियमित सुनवाई करते हुए प्राथमिकता पर निस्तारित करने के लिए कहा है। उन्होंने कार्यालयी अनुशासन और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता दर्शन की सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय से यथोचित निर्णय लेते हुए प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने तहसील परिसर में पेयजल व साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था कराये जाने के लिए कहा है।
तत्पश्चात जिलाधिकारी ने अभिलेखागार, संग्रह अनुभाग सहित अन्य कक्षों का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होंने अभिलेखागार में ग्राम बिसहिजन खुर्द के बस्ते को खुलवाकर देखा, जिसमें बस्ता लिस्ट नहीं पायी गयी तथा उचित रख-रखाव के अभाव में वर्षवार खसरा, खतौनी, 41 एवं 45 अभिलेख सहित अन्य अभिलेख अत्यधिक कटे-फटे अवस्था में पाये गये, जिसपर जिलाधिकारी ने पुराने अभिलेखों को व्यवस्थित करते हुए उनकी टेपिंग/बाइडिंग कराकर उन्हें सुरक्षित ढंग से रखे जाने के लिए निर्देश दिए है। उन्होंने सभी पटल सहायकों को समय से उपस्थित होने तथा उनसे सम्बंधित कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयसीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान तहसील में अधिवक्ताओं के द्वारा एसीपी कार्यालय के तहसील परिसर से दूर होने के कारण उनका न्यायालय तहसील परिसर में ही स्थापित किए जाने की मांग की गयी, जिसपर जिलाधिकारी ने मांग पर विचार हेतु पुलिस आयुक्त महोदय को पत्र प्रेषित किए जाने के लिए कहा है।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी मेजा सुरेन्द्र यादव, जिला विकास अधिकारी जी0पी0 कुशवाहा, तहसीलदार सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
