सरकार सोनार समाज को सुरक्षा की गारंटी दे – राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश चन्द्र सोनी
सरकार सोनार सुरक्षा अधिनियम लागू करें
सोनारी पेशे की शुचिता बनाए रखने के लिए स्वर्ण कला बोर्ड बनाने की गठन करें।
आदर्श सहारा टाइम्स
मेजा, प्रयागराज । सोनार समाज का सोना चांदी व्यापार पेशा बेहद सम्मान जनक है लेकिन इस पेशे में जोखिम भी बहुत है। सोनार कहे जाने वाले सोनार समाज यानि स्वर्णकार समाज को समाज अपने पेशे को ईमानदारी से निभाते हुए सौ दुश्मन बन जाते है। स्वर्ण कला सोसाइटी राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा उमेश चन्द्र सोनी ने कहा कि सोनार समाज को सरकार सुरक्षा देने को तैयार नही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश चन्द्र सोनी ने सोनार समाज की पीड़ा पर पक्ष रखते हुए कहा कि समाज समाज को आए दिन पुलिस उत्पीड़न किया जा रहा है चोरी छिनौती गोली मारी जा रही है। बदलते दौर में सोनार समाज पर हमले बढ़े हैं। श्री सोनी ने
कहा कि हाल के दिनों में सोनार समाज की सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। विभिन्न राज्यों से ऐसी खबरें सामने आई हैं, जहां सोनार समाज के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट या चोरी छिनौती की घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं ने न केवल न्यायिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सोनार समाज की कार्य स्थितियों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश चन्द्र सोनी ने एक भेंट वार्ता के दौरान बताया कि *स्वर्ण कला सोसाइटी उत्तर प्रदेश*
संगठनों ने इस विषय पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि सोनार समाज हमारे देश के स्वर्ण व्यवसाई हैं। यदि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तो व्यवसाय की प्रक्रिया भी प्रभावित होगी। कई जगहों पर सोनार समाज ने विरोध प्रदर्शन कर *स्वर्ण कला बोर्ड* सुरक्षा कानून बनाने की मांग उठाई है। उमेश चन्द्र सोनी पत्रकार राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्ण कला सोसाइटी ने सरकार से मांग की है कि *स्वर्ण कला बोर्ड* व सुरक्षा अधिनियम लागू किया जाय। इस प्रस्तावित कानून के तहत सोनार समाज के साथ हिंसा या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान हो। साथ ही, अदालत परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में गम्भीर पहल की जानी चाहिए। उमेश चन्द्र सोनी ने कहा कि सोनार समाज की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना न्याय व्यवस्था की मजबूती के लिए जरूरी है। सरकार, न्यायपालिका और समाज को मिलकर इस दिशा में सार्थक प्रयास करे, ताकि पेशे की शुचिता बनी रहे और सोनार समाज निर्भय होकर अपना व्यवसाय कर सकें।
