विकास खंड मेजा ​में निपुण भारत मिशन के तहत एफएलएन (FLN) शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ

विकास खंड मेजा ​में निपुण भारत मिशन के तहत एफएलएन (FLN) शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ

आदर्श सहारा टाइम्स

मेजा। ​ राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और निपुण भारत मिशन के सफल क्रियान्वयन के उद्देश्य से आज दिनांक 03/08/2026 से बी आर सी मेजा में प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों हेतु पाँच दिवसीय एफएलएन (FLN – बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता) प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
​कार्यक्रम का उद्घाटन खंड शिक्षा अधिकारी मेजा कैलाश सिंह द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
​उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कैलाश सिंह ने कहा कि प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों को भाषा और गणित की मजबूत नींव प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्राथमिक स्तर पर बच्चों को खेल-खेल में, गतिविधि आधारित शिक्षण एवं रुचिकर शिक्षण पद्धतियों से जोड़कर ही शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाया जा सकता है।​गतिविधि आधारित शिक्षण: शिक्षकों को नई एनसीईआरटी/राज्य पाठ्यपुस्तकों और टीएलएम (TLM) के उपयोग द्वारा शिक्षण को सहज बनाने की तकनीक बताई जाएगी।
​निपुण लक्ष्य की प्राप्ति: कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों को समझ के साथ पढ़ने और बुनियादी गणितीय गणनाओं में निपुण बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) के प्रयोग और रचनात्मक मूल्यांकन (Formative Assessment) के तरीकों पर संदर्भ दाताओं (ARPs/KRPs) द्वारा विस्तृत प्रकाश डाला जाएगा।
​प्रथम दिवस के प्रशिक्षण सत्र में संदर्भ दाता प्रवीण द्विवेदी , विकास पांडेय,विकास यादव एवं विमलेश यादव द्वारा उपस्थित शिक्षकों को निपुण भारत की रूपरेखा, बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों एवं वर्कबुक के सही उपयोग के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
​इस अवसर पर प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष मनीष तिवारी द्वारा सभी शिक्षकों से अपील किया गया कि प्रशिक्षण पूर्ण मनोयोग से लें। ब्लॉक के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षिकाएं सुनील मार्या ,सुनील कुमार पाण्डेय ,अनुराग सिंह ,संतोष सिंह ,आकाश पाण्डेय ,गणेश शंकर मिश्र ,बृजेन्द्र सिंह ,उमा सिंह ,अनुराग पटेल ,मनोज कुमार सरोज, कंचन ,विभा पाण्डेय आदि उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के समापन पर सभी संभागियों को अपनी-अपनी कक्षाओं में इन तकनीकों को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प दिलाया गया। 50-50 की दो बैचों में कुल 100 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ।

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