प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर बैंकर्स कार्यशाला
प्रयागराज में हुई, प्रावधानों और क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा
आदर्श सहारा टाइम्स
प्रयागराज। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों तक समय पर लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 29 दिसंबर को एक बैंकर्स कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न बैंकों के अधिकारी, बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) ने कार्यशाला में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की। इसमें जोखिम कवरेज, प्रीमियम संरचना, दावा निपटान प्रक्रिया, टेक्नोलॉजी-आधारित आकलन (जैसे रिमोट सेंसिंग और क्रॉप कटिंग), पोर्टल संचालन और किसान जागरूकता बढ़ाने की रणनीतियाँ शामिल थीं। उन्होंने विशेष रूप से बैंक शाखाओं की भूमिका, ऋणी और गैर-ऋणी किसानों के नामांकन, समय-सीमा का पालन और दावा भुगतान में समन्वय पर जोर दिया।बैंक अधिकारियों ने योजना के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को साझा किया। इनमें नामांकन की समयबद्धता, डेटा की शुद्धता और दावा प्रक्रिया में पारदर्शिता प्रमुख थीं। इन चुनौतियों के समाधान के लिए शाखा स्तर पर क्षमता निर्माण, किसानों के लिए सरल मार्गदर्शन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने जैसे सुझावों पर सहमति बनी।कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने वाली एक महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने इसके सफल क्रियान्वयन में बैंकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। एलडीएम ने सभी बैंकों से योजना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने का आह्वान किया।कार्यशाला का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सभी हितधारक आपसी समन्वय से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के उद्देश्यों को पूरा करेंगे। इसका लक्ष्य किसानों तक त्वरित और पारदर्शी लाभ पहुंचाना है, जिसके लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
