जनपद प्रयागराज में पर्यटन विभाग द्वारा कराए गए पर्यटन विकास कार्यों का विवरण
आदर्श सहारा टाइम्स
प्रयागराज । भारत के प्राचीन एवं पवित्र नगरों में से एक है, जिसे तीर्थराज अर्थात् तीर्थों का राजा कहा जाता है। गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर स्थित प्रयागराज धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को दृष्टिगत रखते हुए पर्यटन विभाग द्वारा विगत वर्षों में जनपद के विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास, सौन्दर्यीकरण तथा पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं।
धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन-* प्रयागराज में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ₹13,142.51 लाखकी कुल धनराशि से विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य कराए गए। इसके अंतर्गत 12 माधव एवं परिक्रमा पथ पर आने वाले मंदिर स्थलों पर मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं का विकास, भैरव बाबा मंदिर मेहबाचा, नैनी का पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण, श्रृंगवेरपुर धाम में निषादराज पार्क फेज-1 एवं फेज-2 का निर्माण, तथा भगवान श्रीराम एवं गुहराजा निषादराज के गले मिलते हुए 51 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाका निर्माण कराया गया। इसी क्रम मेंदलतपुर स्थित शिव मंदिर, दशाश्वमेध मंदिर, दारागंज, द्वादश माधव मंदिर, पाण्डेश्वरनाथ धाम मंदिर, भारद्वाज आश्रम, मंकामेश्वर मंदिर, लालापुर, प्राचीन विजय हनुमान मंदिर, दुर्वासा आश्रम, पगला नन्द आश्रम, प्राचीन हनुमान मंदिर औता, प्राचीन शिव मंदिर पहाड़पुर, शूलटंकेश्वर मंदिर अरैल, श्रृंगवेरपुर धाम के ग्राम सिंघसौर में थीमेटिक गेट, गंगोली शिवालय मंदिर, वेणी माधव मंदिर, माता कल्याणी मंदिर बौड़ई, फूलपुर, राघवेन्द्र मंदिर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, कल्याणी देवी मंदिर, बरखंडी महादेव मंदिर सैदपुर, तक्षक तीर्थ मंदिर दरियाबाद, लाक्षागृह, श्रृंगवेरपुर धाम में चार शौचालयों का जीर्णाेद्धार, निषादराज पार्क में म्यूरल आर्ट, निषादराज पार्क हेतु पार्किंग, शहीद रोशन सिंह स्मारक का जीर्णाेद्धार एवं सौन्दर्यीकरण तथा नर्मदेश्वर शिव मंदिर मेजा, नींवाआदि स्थलों पर पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य कराए गए।इन विकास कार्यों के माध्यम से धार्मिक स्थलों पर मूलभूत एवं आवश्यक पर्यटक सुविधाओं का विस्तार हुआ तथा इन स्थलों का स्वरूप अधिक आकर्षक एवं सुविधायुक्त बना। इससे श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों पर बेहतर सुविधाएं प्राप्त होने के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी प्रयागराज के धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षण बढ़ा है।
फसाड लाइटिंग के माध्यम से धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का सौन्दर्यीकरण-* प्रयागराज के प्रमुख धार्मिक, पर्यटन एवं हेरिटेज स्थलों को रात्रि के समय भी आकर्षक पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ₹2,708.81 लाखकी धनराशि से आधुनिक फसाड लाइटिंग के कार्य कराए गए। इसके अंतर्गतनागवासुकी मंदिर, शक्तिपीठ अलोपी देवी मंदिर, श्रृंगवेरपुर धाम स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम, शंकर विमान मंडपम मंदिर, म्योहाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नैनी ब्रिज, शास्त्री ब्रिज तथा सिविल लाइंस स्थित हनुमान जी मंदिर पर फसाड लाइटिंग एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य किए गए। इन कार्यों से प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की रात्रिकालीन छटा में विशेष वृद्धि हुई है। प्रकाश व्यवस्था के माध्यम से इन स्थलों को आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया, जिससे रात्रिकालीन पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिला और प्रयागराज के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की सुंदरता पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षण का केन्द्र बनी है।
इको पर्यटन का विकास- प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ₹499.87 लाखकी धनराशि से मेजा स्थित कृष्ण मृग आरक्षित क्षेत्रमें इको पार्क एवं पर्यटक सुविधाओं के विकास का कार्य कराया गया।
पर्यटकों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाओं का विकास- जनपद में आने वाले पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ₹736.50 लाख की धनराशि से पर्यटन निगम की पर्यटन इकाइयों का उन्नयन कराया गया। इसके अंतर्गत होटल राही इलावर्त एवं होटल त्रिवेणी दर्शन का उच्चीकरण किया गया। साथ ही क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय के उच्चीकरण का कार्य कराकर प्रशासनिक कार्यों एवं पर्यटक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया गया।
प्रचार-प्रसार एवं पर्यटन जागरूकता- पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच और उनके बारे में जानकारी को बढ़ाने के लिए जनपद के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर साइनेज की व्यवस्था की गई। साथ ही प्रिंट मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से जनपद के प्रमुख पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया गया। युवा पर्यटन क्लब के अंतर्गत विद्यालयों के बच्चों के लिए पर्यटन दिवस के अवसर पर भ्रमण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन प्रयासों से नई पीढ़ी को जनपद की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन विरासत से परिचित कराने तथा पर्यटन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायता मिली।
*पर्यटन से जुड़े हितधारकों का प्रशिक्षण-* महाकुम्भ-2025 को दृष्टिगत रखते हुए पर्यटन से जुड़े प्रमुख हितधारकों जैसे टूरिस्ट गाइड, टैक्सी ड्राइवर, नाविक एवं बोटमैन आदि को पर्यटन के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
*पर्यटन नीति-2022 के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन-* उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए उद्यमियों के साथ संवाद स्थापित किया गया। इसके परिणाम स्वरूप जनपद प्रयागराज में कुल ₹1,52,332.70 लाख का निवेश प्राप्त किया गया। इस निवेश से जनपद में पर्यटन क्षेत्र में निजी सहभागिता एवं पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
वर्तमान में कराए जा रहे पर्यटन विकास कार्य-वर्तमान समय में भी पर्यटन विभाग द्वारा ₹1,699.97 लाखकी धनराशि से जनपद के विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें इंद्री धाम मंदिर, जमुनीपुर, फूलपुर, दुर्गा मंदिर देवी धाम, पंचदेवरा, सोरांव, फलाहारी बाबा मंदिर, करछना, भद्रेश्वर महादेव मंदिर, मंदाहे माफी, प्राचीन शिवाला मंदिर, घीनपुर, अति प्राचीन भोलेगिरि मंदिर, श्री बजरंग आश्रम मंदिर, देवली, हंडिया, प्राचीन बोलन महादेव मंदिर, महादेव भेलनाथ मंदिर, हंडिया-बरौत, गीता निकेतन मंदिर, अलोपीबाग, शंकर जी मंदिर, सुभाष कोरांव तथा प्राचीन मंदिर पथरबन्धी महादेवालय, छिंडी, विकास खण्ड जसरा शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से संबंधित पर्यटन स्थलों परश्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है तथा श्रद्धालुओं/पर्यटकों को विभिन्न आवश्यक पर्यटन सुविधाएं भी उपलब्ध हो रही हैं।
