बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा एवं नेतृत्व विकास के संकल्प से गौरवान्वित हुई संगम नगरी

 

बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा एवं नेतृत्व विकास के संकल्प से गौरवान्वित हुई संगम नगरी

एक शिक्षित और जागरूक बेटी न केवल परिवार, बल्कि पूरे राष्ट्र का आधारस्तम्भ होती है : डॉ. अंकिता राज

 

आदर्श सहारा टाइम्स

प्रयागराज | शिक्षित एवं सशक्त बेटियाँ ही समृद्ध समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती हैं। बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर अमृत एजुकेशनल एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा मिशन शक्ति के अंतर्गत गयादीन विश्वकर्मा इण्टरमीडिएट कालेज, भिदिउरा, थरवई में कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘सशक्त बेटियाँ, सशक्त राष्ट्र’ की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता एवं नेतृत्व विकास पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में शिक्षाविद् एवं समाजसेविका डॉ. अंकिता राज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ ट्रस्ट द्वारा संचालित अमृत ग्रीन प्रयागराज मिशन के अंतर्गत वृक्षारोपण के साथ हुआ। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की उपनिदेशक श्रीमती शिप्रा विश्वकर्मा तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान केंद्र की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुनीता पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर अतिथियों ने ट्रस्ट द्वारा आयोजित जनपद स्तरीय विद्या प्रतिभा स्पर्धा परीक्षा के चतुर्थ संस्करण का शुभारंभ किया। यह परीक्षा विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने, शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने तथा उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की जाती है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा, एक शिक्षित और जागरूक बेटी न केवल परिवार, बल्कि पूरे राष्ट्र का आधारस्तम्भ होती है। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा, अधिकारों के प्रति जागरूकता और नेतृत्व क्षमता के विकास को सामाजिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया एवं बालिकाओं के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक सशक्तिकरण और आत्मविश्वास के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि शिप्रा विश्वकर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बालिकाओं में निर्णय लेने की क्षमता, आत्मसम्मान और सामाजिक चुनौतियों का सामना करने का साहस विकसित करना आवश्यक है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुनीता पाण्डेय ने बालिका शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बताते हुए बालिकाओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया।
ट्रस्ट के अध्यक्ष तीर्थराज विश्वकर्मा ने अपने संबोधन में बालिका शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सामाजिक संस्थाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर ट्रस्ट की ओर से विद्यालय की छात्राओं को प्रेरणादायक पुस्तिका वितरित की गई। इस पुस्तिका में सावित्रीबाई फुले, रमाबाई अम्बेडकर और महादेवी वर्मा सहित अन्य प्रेरणास्रोत महिलाओं के जीवन, संघर्ष एवं योगदान को संकलित किया गया है। इसका उद्देश्य छात्राओं को इन महान महिलाओं के जीवन से प्रेरणा लेने, शिक्षा के महत्व को समझने तथा आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार ने सभी अतिथियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से जुड़े राममूरत विश्वकर्मा सहित समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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