ग्राम पंचायतों में प्रशासक बने प्रधान नहीं करा पा रहे विकास कार्य
ग्राम पंचायतों में प्रशासक बने प्रधान नहीं करा पा रहे विकास कार्य
अनुमति और बजट के अभाव में गांवों के जरूरी निर्माण व मरम्मतीकरण कार्य प्रभावित
आदर्श सहारा टाइम्स
कोरांव, प्रयागराज। विकास खंड कोरांव सहित कई ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को लेकर प्रशासकों के सामने मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। जरूरी प्रस्ताव और मांगें भेजे जाने के बावजूद निर्माण कार्यों की अनुमति नहीं मिलने से गांवों में विकास की गति प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
दरअसल, बाढ़ और बरसात के बाद ग्राम पंचायतों में सरकारी भवनों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य जरूरी परियोजनाओं के मरम्मतीकरण सहित कई कार्यों की आवश्यकता बढ़ गई है। ऐसे में ग्राम पंचायतों के प्रशासक कार्य कराना चाहते हैं, लेकिन अनुमति और बजट संबंधी अड़चनों के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
अधिकारियों को पत्र देकर उठाई गई मांग
इस संबंध में अल्हवा ग्राम पंचायत के प्रशासक अहद अहमद सिद्दीकी उर्फ शहजादे ने जिलाधिकारी प्रयागराज और जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को पत्र देकर समस्या से अवगत कराया है। उनका कहना है कि जिलाधिकारी की ओर से विकास कार्य कराने पर रोक नहीं होने की बात कही गई थी, लेकिन पंचायत विभाग के अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी की अनुमति के बिना कार्य नहीं कराने की बात कही जा रही है।
मनरेगा के कार्यों और बजट पर भी असर
प्रशासक का कहना है कि अनुमति की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने से जरूरी विकास कार्य समय पर शुरू नहीं हो पा रहे हैं। वहीं, मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के तहत कार्य कराने के लिए बजट उपलब्ध होने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए अनुमति प्रक्रिया को स्पष्ट करने, लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लेने और आवश्यक बजट उपलब्ध कराने की जरूरत महसूस की जा रही है।
अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस समस्या का समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाते हैं, ताकि गांवों में जरूरी निर्माण और मरम्मतीकरण कार्य समय से पूरे हो सकें तथा ग्रामीणों को राहत मिल सके।
फोटो सचिवालय भवन अल्वा
