अमिलिया कलां लाइन दक्षिण की ऐतिहासिक रामलीला के पांचवे दिन राम भक्तों का उमड़ा सैलाब
राम-सुग्रीव मित्रता, बाली-सुग्रीव युद्ध, रावण-अंगद संवाद , लक्ष्मण शक्ति और भरत हनुमान मिलन के मंचन ने मोहा मन
आदर्श सहारा टाइम्स
अमिलिया कलां (प्रयागराज)। अमिलिया कलां लाइन दक्षिण की ऐतिहासिक रामलीला के पांचवे दिन रामलीला मैदान में ऐसा मनमोहक नजारा दिखा कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। कलाकारों ने *राम-सुग्रीव मित्रता, बाली-सुग्रीव युद्ध, रावण-अंगद संवाद, मेघनाद-लक्ष्मण संवाद, लक्ष्मण शक्ति और संजीवनी बूटी* लाने की लीला का जीवंत मंचन किया।
पहला प्रसंग – राम-सुग्रीव मित्रता और बाली वध:*
हनुमान जी ने राम और सुग्रीव की मित्रता कराई। सुग्रीव ने अपना दुख बताया तो राम ने बाली को मारकर सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया। बाली और सुग्रीव के युद्ध के दृश्य में ढोल-नगाड़ों और तलवारों की गूंज से पूरा पंडाल रोमांचित हो उठा।
दूसरा प्रसंग – रावण-अंगद संवाद:
राम के दूत बनकर अंगद रावण के दरबार में पहुंचे। अंगद ने रावण को समझाया कि सीता को लौटा दो, पर अहंकारी रावण नहीं माना। तब अंगद ने दरबार में अपना पैर जमाकर चुनौती दी कि यदि कोई मेरा पैर हिला दे तो राम सेना लेकर वापस चले जाएंगे। बड़े-बड़े राक्षस आए, पर कोई अंगद का पैर हिला नहीं सका। दर्शकों ने “बजरंग बली की जय” के नारों से आसमान गूंजा दिया।
तीसरा और सबसे मार्मिक प्रसंग – लक्ष्मण शक्ति और संजीवनी:
मेघनाद ने छल से लक्ष्मण पर शक्ति बाण चलाया। लक्ष्मण के मूर्छित होते ही भगवान राम विलाप करने लगे। _”हे लक्ष्मण, तुम्हारे बिना अयोध्या कैसे जाऊंगा”_ सुनकर कई बुजुर्गों की आंखें भर आईं।
तभी हनुमान जी वैद्य सुषेण को लाए। वैद्य ने कहा संजीवनी से ही लक्ष्मण बचेंगे। इस पर हनुमान जी पूरा द्रोणागिरी पर्वत ही उठा लाए। हनुमान जी का पर्वत लेकर उड़ने का दृश्य देख बच्चे तालियां बजाने लगे और पूरा पंडाल “जय श्री राम” से गूंज उठा। और भरत हनुमान मिलन का बेहतरीन मंचन किया गया।अंत में संजीवनी से लक्ष्मण ठीक हुए।
कमेटी ने बताया कि रोजाना हजारों भक्त रामलीला देखने आ रहे हैं। महिलाओं और बच्चों में विशेष उत्साह है।
27 अक्टूबर को प्राथमिक विद्यालय मनु का पूरा के पास दशहरा का होगा भव्य मंचन, सभी भक्तों से पहुंचने की अपील।
रिपोर्ट : शैलेश बागी, अमिलिया कलां
