राजकीय इंटर कॉलेज सुरवादलापुर के प्रधानाचार्य पर भ्रष्टाचार और अनुपस्थिति के गंभीर आरोप, जांच कर कार्रवाई की मांग

राजकीय इंटर कॉलेज सुरवादलापुर के प्रधानाचार्य पर भ्रष्टाचार और अनुपस्थिति के गंभीर आरोप, जांच कर कार्रवाई की मांग

आदर्श सहारा टाइम्स

मांडा, प्रयागराज। राजकीय इंटर कॉलेज, सुरवादलापुर, मांडा के प्रधानाचार्य सुनील कुमार पर विद्यालय से लंबे समय तक अनुपस्थित रहने तथा सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर शिकायतकर्ता अमित पाण्डेय द्वारा उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि प्रधानाचार्य सुनील कुमार पिछले लगभग पांच माह से विद्यालय नहीं आ रहे थे। विद्यालय प्रशासन से जानकारी लेने पर बताया जाता था कि वह पीसीएस परीक्षा की तैयारी एवं उससे संबंधित कार्यों में व्यस्त हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि नए शैक्षिक सत्र के प्रारंभ होने के बाद भी प्रधानाचार्य नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जिससे शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि हाल ही में जब शिकायतकर्ता का छोटा भाई विद्यालय में प्रवेश फार्म के नाम पर कथित रूप से लिए जा रहे शुल्क के संबंध में जानकारी प्राप्त करने प्रधानाचार्य से मिलने गया, तब उसे बताया गया कि प्रधानाचार्य उत्तराखंड भ्रमण पर गए हुए हैं। आरोप है कि उन्होंने इस अवधि के लिए न तो ऑनलाइन अवकाश स्वीकृत कराया और न ही अपने उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
मामले का सबसे गंभीर पक्ष विद्यालय के विकास कार्यों से संबंधित है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पिछले शैक्षिक सत्र में छात्रों के हित और विद्यालय के विकास के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए लगभग 23 लाख रुपये की धनराशि का उपयोग निर्धारित कार्यों में नहीं किया गया। आरोप है कि विद्यालय में किसी प्रकार का उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं कराया गया, जबकि पूरी धनराशि खर्च दर्शा दी गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि फर्जी बिलों और भुगतान संबंधी अनियमितताओं के माध्यम से धनराशि का दुरुपयोग किया गया तथा इसे परिचित व्यक्तियों के खातों में स्थानांतरित कर निकाला गया।
इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रयागराज को पत्र प्रेषित कर नियमानुसार जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायत पत्र और उससे संबंधित दस्तावेज जांच के लिए भेजे गए हैं।
स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह छात्रों के भविष्य और सरकारी संसाधनों के साथ गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, शिकायतकर्ता ने प्रधानाचार्य को पद से हटाकर विद्यालय में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने की अपील की है, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

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