बारिश का आनंद ले लेकिन सेहद का भी ध्यान रखे,डॉ आर. के .कुशवाहा
आदर्श सहारा टाइम्स
कोरांव। कोरांव क्षेत्र स्थित सुकृत अस्पताल के डॉ आर के कुशवाहा ने बताया कि
बारिश में भीगना कई लोगों को अच्छा लगता है, बारिश में कभी-कभार थोड़ी देर भीगना अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए गंभीर समस्या नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक भीगना, गंदे पानी के संपर्क में रहना या भीगने के बाद उचित देखभाल न करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
बारिश में भीगने के बाद शरीर का तापमान कम हो सकता है, जिससे सर्दी-जुकाम, गले में खराश या वायरल संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि केवल भीगने से सर्दी नहीं होती, लेकिन ठंड और वायरस के संपर्क में आने पर बीमारी की संभावना बढ़ सकती है। शहरी क्षेत्रों में शुरुआती बारिश के पानी में धूल, प्रदूषण और हानिकारक रसायन मिले हो सकते हैं। ऐसे पानी के संपर्क से त्वचा में खुजली, एलर्जी, दाने या आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि पैरों में कोई घाव हो और व्यक्ति गंदे या रुके हुए बारिश के पानी में चले, तो बैक्टीरिया या फंगस से संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को बारिश में भीगने से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
बचाव के उपाय
– बारिश में भीगने के बाद जल्द से जल्द सूखे कपड़े पहनें।
– शरीर और बालों को अच्छी तरह सुखाएं।
– गुनगुना पेय या सूप लें ताकि शरीर का तापमान सामान्य रहे।
– यदि गंदे पानी के संपर्क में आए हों, तो साबुन से स्नान करें।
– लंबे समय तक गीले कपड़े या जूते न पहनें।
– यदि बुखार, तेज खांसी, सांस लेने में तकलीफ, त्वचा पर गंभीर संक्रमण या लगातार अस्वस्थता महसूस हो, तो चिकित्सक से सलाह लें। इसलिए बारिश का आनंद लें, लेकिन सावधानी के साथ।
