प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत लगे बिजली के तार दो साल में जले, वर्षों बाद भी नहीं हुआ समाधान
आदर्श सहारा टाइम्स
मांडा, प्रयागराज। मांडा क्षेत्र के बघौरा खवासान गांव में प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत वर्ष 2018 में लगाए गए बिजली के तार और पोल की स्थिति लंबे समय से खराब पड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत प्राथमिक विद्यालय से शिवशंकर बिंद के घर तक खंभे, पतले तार और 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया था, लेकिन करीब दो वर्ष बाद ही बिजली के तार जलकर खराब हो गए। इसके बाद से आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों के अनुसार, बिजली के तार खराब होने के बाद संबंधित विभाग को कई बार इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। बिजली की व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ग्रामीणों को मजबूरी में दूसरी तरफ से बांस के सहारे अपने बिजली के तार खींचकर घरों तक कनेक्शन पहुंचाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों को परेशानी के साथ-साथ हादसे का खतरा भी बना रहता है।
गांव के इंजीनियर शिवशंकर बिंद, संदीप कुमार, बाबूलाल समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई। ग्रामीणों ने अपनी समस्या को लेकर मांडा रोड पावर हाउस पर कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया, लेकिन इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस उद्देश्य से प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत गांव में बिजली की व्यवस्था की गई थी, वह व्यवस्था आज पूरी तरह प्रभावित है। वर्षों से खराब पड़े तारों और बिजली व्यवस्था के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि गांव में मौके पर जांच कराकर खराब तारों को बदलवाया जाए, विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित तरीके से दुरुस्त कराया जाए और आवश्यकता के अनुसार उचित क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जाए, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे एक बार फिर संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग को लेकर आवाज उठाने को मजबूर होंगे।
