राजस्व वादों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर मंडलायुक्त ने दिए कड़े निर्देश
मंडलायुक्त कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए नए प्रारूप के अनुसार प्रपत्र तैयार करने एवं तहसीलों में रजिस्टर संधारित करने के निर्देश
मंडल में पाँच वर्ष से अधिक पुराने 6,831 लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश
24 से 27 अगस्त तक विशेष अभियान चलाने तथा 30 अगस्त तक तहसीलों के विस्तृत निरीक्षण के निर्देश
आदर्श सहारा टाइम्स
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में राजस्व वादों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण तथा तहसीलों में कार्यों की प्रभावी निगरानी के संबंध में आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को कार्यों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने राजस्व वादों के निस्तारण को और प्रभावी बनाने के लिए कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराए गए नए प्रारूप के अनुसार तहसीलों में प्रपत्र तैयार करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने वर्तमान खतौनियों में दर्ज सरकारी भूमि का विवरण भी इसी प्रारूप में तैयार कराने के निर्देश दिए। चारागाह, तालाब एवं चक भूमि सहित ऐसी सभी सरकारी भूमियों, जिनकी कस्टोडियन सरकार है, का विवरण संबंधित कॉलम में दर्ज करने को कहा।
सभी एसडीएम को नए प्रारूप में तैयार प्रपत्र तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं लेखपालों को उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक तहसील में गाटा संख्या सहित रजिस्टर अनिवार्य रूप से तैयार एवं संधारित कराने के निर्देश दिए गए। तहसील दिवस एवं थाना दिवस पर राजस्व मामलों के निस्तारण में इन रजिस्टरों का उपयोग किया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार इनके आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
सभी एडीएम को अपने क्षेत्र की तहसीलों का गहन निरीक्षण कर नए प्रारूप के प्रभावी क्रियान्वयन एवं रजिस्टरों के नियमित संधारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। एडीएम स्वयं रजिस्टरों का परीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि राजस्व संहिता के निर्धारित चेक-पॉइंट्स के अनुरूप प्रपत्र तैयार किए जा रहे हैं तथा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
प्रयागराज में सीआरओ द्वारा देखी जा रही हंडिया तहसील तथा अन्य एडीएम द्वारा देखी जा रही कोरांव एवं सोरांव तहसीलों, जहां अपेक्षाकृत अधिक राजस्व वाद लंबित हैं, का विशेष निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। इन तहसीलों में नए प्रारूप के अनुसार प्रपत्र एवं रजिस्टर तैयार कराने तथा अधिकाधिक मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। इसी प्रकार, कौशांबी में संबंधित एडीएम को चायल एवं सिराथू तहसीलों का विशेष निरीक्षण कर नए प्रारूप के अनुसार सभी आवश्यक अभिलेख एवं प्रपत्र तैयार कराने तथा राजस्व संबंधी समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने पाँच वर्ष से अधिक पुराने लंबित राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वर्तमान में प्रयागराज में 2,076, फतेहपुर में 225, कौशांबी में 3 तथा प्रतापगढ़ में 4,527, कुल 6,831 ऐसे प्रकरण लंबित हैं। उन्होंने इनका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण कर ऐसे वादों की संख्या शून्य करने के निर्देश दिए।
निस्तारण की गुणवत्ता पर जोर देते हुए प्रत्येक प्रकरण में दोनों पक्षों को सुनने, तथ्यों एवं अभिलेखों का समुचित परीक्षण करने तथा निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, शिकायतकर्ता एवं संबंधित पक्षकार निस्तारण से संतुष्ट हों, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया। मंडलायुक्त ने कहा कि अगले तहसील दिवस पर मंडल की किसी भी तहसील का आकस्मिक निरीक्षण किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान नए प्रारूप के अनुसार तैयार प्रपत्र, रजिस्टरों का संधारण एवं कार्य की वास्तविक प्रगति स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।
सभी एडीएम को 30 अगस्त तक अपने जनपद की कम से कम एक तहसील का विस्तृत निरीक्षण कर मैनुअल की चेकलिस्ट के अनुसार सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। एसडीएम एवं तहसीलदार मास्टर फाइल सहित सभी आवश्यक प्रपत्र पूर्ण एवं अद्यतन रखें तथा राजस्व संहिता के निर्धारित चेक-पॉइंट्स के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में लंबित ऑडिट प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने अगले एक सप्ताह में कम से कम 50 प्रतिशत तथा यथासंभव सभी लंबित ऑडिट प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए 24 से 27 अगस्त तक विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
इसी क्रम में सभी जनपदों में बाढ़ की तैयारियों एवं कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने बाढ़ से संबंधित तैयारियों एवं संभावित समस्याओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी एडीएम को सीडीओ के साथ समन्वय स्थापित कर कच्चे मकानों में निवास कर रहे पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों की पहचान करने के निर्देश दिए गए, जिन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित कराया जा सकता है। इसके लिए लेखपालों के माध्यम से ग्रामवार सूची तैयार कराने को कहा गया।
