मेजा के चांद खमरिया क्षेत्र में बढ़ा काले हिरणों का कुनबा, चार साल में आए 96 नए मेहमान

मेजा के चांद खमरिया क्षेत्र में बढ़ा काले हिरणों का कुनबा, चार साल में आए 96 नए मेहमान

आदर्श सहारा टाइम्स

कोरांव, प्रयागराज। कोरांव संगमनगरी में संकट ग्रस्त काले हिरनों के संरक्षण की मुहिम अब रंग ला रही है। मेजा के चांद खमरिया स्थित कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र में काले हिरनों का कुनबा बढ़ा है। वर्ष 2022 की गणना में यहां 508 हिरन थे। इस साल हुए सर्वे में इनकी संख्या 604 मिली है। यानी, चार सालों में 96 नए मेहमान आए।

वन विभाग ने अप्रैल से अगस्त के बीच यह गणना कराई। इसमें विशेषज्ञों ने संरक्षित क्षेत्र के गांव चांद खमरिया और महुलीकला के साथ आसपास के दूसरे इलाकों का भी सर्वे किया। सूत्रों का कहना है कि इस गणना में 92 वयस्क नर, 344 वयस्क मादा, 45 उप वयस्क नर, 72 उप-वयस्क मादा और 51 शावक हिरन देखे गए।

संरक्षित क्षेत्र वाले गांव महुली कला में 121 तो चांद खमरिया में 47 हिरन मिले। वहीं बाहरी इलाके के गांव इटवा कला में 122, किहुनी कला में 114, पुरवा में 90, कटरा में 41, बैजला पहाड़ी में 35 तो मोजरा पहाड़ी में 34 काले हिरन देखे गए।

सर्वे करने वाली टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर दी है। अगले सप्ताह यह रिपोर्ट वन विभाग को सौंपी जाएगी। सर्वे के दौरान चांद खमरिया में औसत आठ हिरनों वाला झुंड दिखा। जबकि, बैजला पहाड़ी में 35 हिरनों का झुंड नजर आया।
संरक्षित क्षेत्र में इंसानी दखल बड़ी चुनौती
संरक्षित क्षेत्र व उसके आसपास कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा संरक्षित क्षेत्रों में इंसानी दखल भी बढ़ा है। कभी मवेशी चराने तो कभी खेती के काम के लिए लोगों का आवागमन रहता है। इसे विशेषज्ञों हिरनों के संरक्षण के लिए बड़ी चुनौती माना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *