मेजा तहसील में लेखपालों का धरना, आठ सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
वेतन विसंगति, पदोन्नति, स्थानांतरण और तकनीकी सुविधाओं समेत विभिन्न मांगों को लेकर लेखपालों ने बुलंद की आवाज
आदर्श सहारा टाइम्स
मेजा, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार को मेजा तहसील परिसर में लेखपालों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने शासन के प्रति नाराजगी जताते हुए लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की आवाज उठाई। संघ ने मांगें पूरी न होने पर चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम भी घोषित किया है।
लेखपाल संघ की प्रमुख आठ सूत्रीय मांगें
वेतन विसंगति: विगत 10 वर्षों से लेखपालों के प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे की मांग और वेतन विसंगति दूर करना। अंतरमंडलीय स्थानांतरण: विगत 8 वर्षों से लेखपालों का अंतरमंडलीय स्थानांतरण न होने की समस्या का समाधान।
पदोन्नति: विगत 2 वर्षों से लेखपालों की पदोन्नति सूची जारी न होने पर कार्रवाई।
भत्तों में वृद्धि: विगत 16 वर्षों से लेखपालों के भत्तों में वृद्धि न होने पर उचित निर्णय।
कार्यस्थल संबंधी समस्या: परिवादों के बाद भी पटलों से लेखपालों का न हटाया जाना तथा प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्यों में अप्रयुक्त न करने की मांग। तकनीकी सुविधाएं: विगत 5 वर्षों से उच्च तकनीकी कार्यों के लिए लैपटॉप व मोबाइल उपलब्ध न कराने तथा तकनीकी कार्य करने वाले लेखपालों के लिए तकनीकी पद घोषित न करने की समस्या का समाधान।
ग्राम सचिवालय की सुविधाएं: ग्राम सचिवालय में आधारभूत सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और भत्ता बढ़ाए बिना लेखपालों से कार्य कराए जाने की समस्या का समाधान।
परीक्षा परिणाम व स्थायीकरण: विगत 1 वर्ष से तहसील बार लेखपालों का परीक्षा परिणाम घोषित न होने तथा स्थायीकरण न होने की समस्या का निस्तारण।
चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम संघ द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार,3 अक्टूबर: तहसील दिवस का बहिष्कार एवं धरना प्रदर्शन। 8 अक्टूबर: समस्त ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार। 10 अक्टूबर: थाना दिवस पर लेखपालों की ड्यूटी का बहिष्कार। 12 अक्टूबर: तहसील व जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर लगाकर आंदोलन।
14 अक्टूबर: मोटरसाइकिल रैली निकालना। 17 से 23 अक्टूबर: तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन।
24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन: जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन।
लेखपाल संघ का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। संघ ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। अब देखना होगा कि लेखपालों के इस चरणबद्ध आंदोलन के बाद शासन उनकी मांगों पर क्या निर्णय लेता है।
