पितृ पक्ष में छतवा ,सिरसा और कोठरी गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, पिंडदान और तर्पण कर पूर्वजों को किया नमन
आदर्श सहारा टाइम्स
मेजा, प्रयागराज। पितृ पक्ष के अवसर पर छतवा, सिरसा, और कोठरी व अन्य गंगा घाट पर पिंडदान एवं तर्पण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे हजारों सनातन धर्मावलंबियों ने गंगा तट पर विधि-विधान के साथ अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और जलांजलि अर्पित की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते घाट क्षेत्र में मेले जैसा माहौल देखने को मिला।
पितृ पक्ष के धार्मिक महत्व को देखते हुए सुबह से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और इसके बाद पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान एवं तर्पण की रस्में पूरी कीं। लोगों ने अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए उनके प्रति अपनी आस्था और कृतज्ञता प्रकट की। घाटों पर उमड़ी भीड़ के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी काफी चहल-पहल रही। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए घाट के आसपास पूजा-पाठ की सामग्री, फूल-माला, प्रसाद, खाने-पीने की वस्तुओं और अन्य सामानों की दुकानें सजी नजर आईं। इससे पूरे घाट परिसर में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
सनातन धर्म की परंपरा में पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का विशेष अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान पिंडदान, तर्पण और जलांजलि अर्पित करने से पितरों के प्रति कर्तव्य का निर्वहन होता है। इसी आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करते हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए घाटों पर साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण रहा, ताकि लोगों को पूजा-अर्चना और तर्पण करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। पूरे क्षेत्र में दिनभर धार्मिक गतिविधियों का सिलसिला जारी रहा।
